Wednesday, May 29, 2013

UP B. Ed Entrance Result / Counselling /Joint Entrance Examination (JEE B.Ed.- 2013) : पांच जून से होगी बीएड काउंसिलिंग


UP B. Ed Entrance Result / Counselling /Joint Entrance Examination (JEE B.Ed.- 2013) : पांच जून से होगी बीएड काउंसिलिंग

Joint Entrance Examination (JEE B.Ed.- 2013)


Get confirm details from - http://upbed.nic.in/Default1.aspx / Comcerned Department / Authority

UP B.Ed. Entrance Examination Results

गोरखपुर : प्रदेश भर के विभिन्न विश्वविद्यालयों में संचालित बीएड पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए काउंसिलिंग 5 जून से शुरू हो कर 20 जून तक चलेगी। तीन चरणों में होने वाली काउंसिलिंग को और सुविधाजनक बनाया गया है। अब अभ्यर्थी घर बैठे या साइबर कैफे से मनपंसद का कालेज चुन सकता है।
5 जून से काउंसिलिंग प्रदेश के 10 विश्वविद्यालयों के 24 निर्धारित केंद्रों पर होगी। काउंसिलिंग में शामिल होने के लिए अभ्यर्थियों को 'वित्त अधिकारी' दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय गोरखपुर के नाम पांच सौ रुपये में से चार सौ रुपये का डिमांड ड्राफ्ट काउंसिलिंग केंद्र पर जमा करना होगा। शेष 100 रुपये वह महाविद्यालय शुल्क के साथ बैंक में जमा किया जाएगा। सामान्य रैंक के लिए निर्धारित चरण में किसी कारणवश अभ्यर्थी काउंसिलिंग से वंचित हो गया हो तो वह अगले चरण की काउंसिलिंग में शामिल हो सकता है, लेकिन उसे बचे हुए महाविद्यालयों में से ही विकल्प चुनना होगा। जब कि इस बार काउंसिलिंग प्रक्रिया में शामिल होने के बाद अभ्यर्थी दोबारा काउंसिलिंग में शामिल नहीं हो सकता।
ऐसे होगी काउंसिलिंग
1. रिजल्ट आने के साथ ही प्राप्त अंक की जानकारी दी जाएगी, बाद में अभ्यर्थियों को काउंसिलिंग सेंटर की सूचना दी जाएगी।
2. अभ्यर्थी चार सौ रुपये का डिमांड ड्राफ्ट सेंटर पर जमा करेगा जहां उसके मूल अभिलेखों का सत्यापन होगा और च्वाइस लाक के लिए उसके मोबाइल पर पासवर्ड भेजा जाएगा। साथ ही कालेजों की सूची दी जाएगी।
3. इंटरनेट के माध्यम से वह बीएड की अधिकारिक वेबसाइट डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यूडाटयूपीबीएडडाटएनआइसीडाटइन पर जाएगा जहां उसे पासवर्ड बदलना होगा।
4. पासवर्ड को बदलने के बाद अभ्यर्थी तीन दिनों तक च्वाइस लाक की प्रक्रिया चलेगी। तीसरे दिन रात 12 बजे तक वह अपनी पसंद बदल सकता है।
5. अगले दिन दोपहर 12 बजे के बाद अभ्यर्थी को उसकी सामान्य रैंक और श्रेणी के अनुरूप कालेज आवंटित कर दिया जाएगा जिसे वह उसी दिन आनलाइन देख भी सकता है।
6. च्वाइस लाक किए गए कालेजों पर सहमती के बाद अभ्यर्थी इंटरनेट के जरिए देय शुल्क प्रवेश के चालान फार्म प्रिंट आउट प्राप्त कर सकता है।
7. चालान द्वारा अभ्यर्थी अपना शुल्क प्रदेश भर के किसी भी इलाहाबाद बैंक की शाखा में जमा कर सकता है। बैंक से प्राप्त ट्रांजेक्शन आईडी लेकर, दूसरे दिन नेट से अपना 'कन्फर्मेशन लेटर' प्राप्त कर संबंधित महाविद्यालय में प्रवेश ले सकता है।
काउंसिलिंग प्रक्रिया का तिथि वार कार्यक्रम
प्रथम चरण -5,6 व 7 जून को (1 से 40,000 जनरल रैंक के लिए) -अभिलेखों का सत्यापन (काउंसिलिंग केंद्र पर), 7, 8 व 9 जून तक- विकल्प चयन (इंटरनेट से), 10 जून को कालेज आवंटन कि घोषणा, 10, 11 व 12 जून तक शुल्क जमा (बैंक में)।
द्वितीय चरण - 10,11 व 12 जून को (40001 से 90,000 जनरल रैंक के लिए) अभिलेखों का सत्यापन (काउंसिलिंग केंद्र पर), 13,14 व 15 जून तक - विकल्प चयन (इंटरनेट से), 16 जून को कालेज आवंटन कि घोषणा तथा 16, 17 व 18 जून तक शुल्क जमा (बैंक में)।
तृतीय चरण - 18,19 व 20 जून को (90001 से 1,50,000 जनरल रैंक के लिए), अभिलेखों का सत्यापन (काउंसिलिंग केंद्र पर), 21, 22 व 23 जून तक- विकल्प चयन (इंटरनेट से), 24 जून को कालेज आवंटन कि घोषणा तथा 24, 25 व 26 जून तक शुल्क जमा (बैंक में)

UPTET Breaking News : Allahabad Highcourt Triple Bench (TB) Decision Will Come out on 31st May 2013

UPTET Breaking News : Allahabad Highcourt Triple Bench (TB) Decision Will Come out on 31st May 2013


UPTET -


A long awaited decision and a hope of lakhs of UPTET candidate will arrive on 31st May 2013.

Many candidates still confused about their future as there are some other decisions which are awaited e.g. -
1. Age bar old candidates whose age crossed in new advertisement, and Single Bench Allahabad HC favors those candidates whose age are within limit of old advertisement (72825 posts) but age bared in new advt.

2. Candidates who applied earlier and as per HC directions they send  application to SCERT, Lko for new advt. with fee exemption.

3. Base of Selection i.e. Acad. versus TET merit.


Some candidates expected a complete decision for all cases related to their recruitment by the Larger Bench (TB), But some have opinions that TB will send other matters back to DB (Double Bench) as their case is already running their. TB is formed to make its decision TET versus Non TET matter.

Some candidates having fear that summer vacation of court may delay their recruitment if all matters realated to their recruitment will not solved by TB and if further hearing in DB happens.


Lagta hai Final Decision 31st May ko aa raha hai jismen sabhee writs shamil ho chukee hain.

However , If you see cause list then it looks it includes all writs related to UPTET and final decision may be arrived on 31st May 2013.

UPTET टीईटी में बैठेंगे 10 लाख परीक्षार्थी

इस बार मिलेगा एक घंटा ज्यादा समय

लखनऊ   27-28 जून को होने वाली शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) में 10 लाख परीक्षार्थियों के बैठने का अनुमान है। बेसिक शिक्षा परिषद से मिले आंकड़े के मुताबिक 10 लाख अभ्यर्थियों ने विभागीय वेबसाइट पर पंजीकरण कराया है। परीक्षा में इस बार एक घंटे का अतिरिक्त समय दिया जाएगा। पिछली बार परीक्षा डेढ़ घंटे की थी, जो इस बार ढाई घंटे की होगी। सभी जिला मुख्यालयों पर परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे। इस संबंध में परीक्षा नियामक प्राधिकारी ने बेसिक शिक्षा अधिकारियों को दिशा-निर्देश भेज दिया है।
टीईटी के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 27 मई को समाप्त हो गई। परीक्षा नियामक प्राधिकारी अब आवेदन पत्रों का मिलान कराएगा और पात्रों को परीक्षा में बैठने की अनुमति देगा। प्रवेश पत्र विभागीय वेबसाइट पर अपलोड किए जाएंगे। जिलाधिकारियों की अध्यक्षता में कमेटियां बना दी गई हैं। इनकी देखरेख में ही परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे। राजकीय व सहायता प्राप्त स्कूलों को ही परीक्षा केंद्र बनाया जाएगा। इनके खाली न होने पर विशेष परिस्थितियों में वित्त विहीन स्कूलों को परीक्षा केंद्र बनाया जाएगा

khuskhabri

LARGER BENCH KA NOTIFICATION JARI HO CHUKA HAI. COURT NUMBER 29 ME 31 MAY 2013 KO ORDER JARI KIYA JAYEGA
Itne Cases list me show ho raeh hai jin par larger bench Judgement ya Order ya Opinion hoga.........For Delivery of Judgement/Order/Opinion WRIT - A 1. 12908/2013 SHIV KUMAR SHARMA WITH WRIA- 12911/2013 YATINDER KUMAR TIWARI WITH SPLA- 150/2013 NAVIN SRIVASTAVA AND OTHERS WITH SPLA- 152/2013 RAJEEV KUMAR YADAV WITH SPLA- 159/2013 ANIL KUMAR AND OTHERS WITH SPLA- 161/2013 ALOK SINGH AND OTHERS WITH SPLA- 205/2013 AMAR NATH YADAV AND WITH SPLA- 206/2013 YAJUVENDRA SINGH CHANDDEL WITH SPLA- 220/2013 AMITESHWARI DUBEY AND WITH SPLA- 244/2012 DR. PRASHANT KUMAR DUBEY WITH SPLA- 246/2013 PRIYANKA BHASKAR AND WITH SPLA- 248/2013 UMA SHANKER PATEL AND WITH SPLA- 249/2013 DEVESH KUMAR AND OTHERS WITH SPLA- 261/2013 SANJAY KUMAR AND OTHERS WITH SPLA- 262/2013 SANJAY KUMAR AND OTHERS WITH SPLA- 264/2013 RAMA TRIPATHI AND OTHERS WITH SPLA- 265/2013 NAGENDRA KUMAR YADAV AND WITH SPLA- 266/2013 HARVENDRA SINGH AND WITH SPLA- 268/2013 RAJIV KUMAR SRIVASTAVA AND WITH SPLA- 307/2013 VINEET KUMAR SINGH AND WITH SPLA- 333/2013 SATENDRA SINGH AND OTHERS WITH SPLAD-200/2013 RAJPAL SINGH AND OTHERS WITH SPLAD-227/2013 PRAVEEN KUMAR WITH SPLAD-228/2013 MAHENDRA KUMAR VERMA WITH SPLAD-302/2013 RAM BABOO SINGH

Sunday, April 21, 2013

अति शीघ्र होगी शिक्षक और अनुदेशकों की भर्ती


अति शीघ्र होगी शिक्षक और अनुदेशकों की भर्ती
 माध्यमिक व प्राथमिक शिक्षा निदेशक बासुदेव यादव ने कहा कि 72825 शिक्षकों तथा 42 हजार अनुदेशक शिक्षकों की नियुक्ति अति शीघ्र की जाएगी। माध्यमिक शिक्षा में टीजीटी और पीजीटी आयोग का गठन हो चुका है। पूर्व में आवेदन कर चुके अभ्यर्थियों की जून में परीक्षा कराकर साक्षात्कार के बाद उनकी नियुक्ति कर दी जाएगी।
वह रविवार को ग्राम विकास इण्टर कॉलेज में पत्रकारों से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि टीईटी को लेकर नियुक्ति का मामला उच्च न्यायालय में विचाराधीन चल रहा है। जिसके चलते 72 हजार से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हो पा रही है। जुलाई से पूर्व ही फैसला आने की उम्मीद है। उसके बाद अनुदेशक शिक्षकों सहित एक लाख से अधिक पदों पर भर्ती की जाएगी। उन्होंने माध्यमिक शिक्षकों की कमी शीघ्र पूरा करने का दावा किया।
निदेशक ने सर्व शिक्षा अभियान के तहत सभी अभिभावकों, जनप्रतिनिधियों और शिक्षकों से बच्चों का शत-प्रतिशत नामांकन कराए जाने की अपील किया। उन्होंने कहा कि सभी अभिभावकों की अर्थ व्यवस्था ऐसी नहीं है कि वे प्राइवेट विद्यालयों में महंगी शिक्षा अपने बच्चों को दे सकें। सरकारी स्कूलों में नि:शुल्क पुस्तक, ड्रेस, भोजन दिया जा रहा है

आज जारी होगी अनुदेशक भर्ती मेरिट !


आज जारी होगी अनुदेशक भर्ती मेरिट !
 इलाहाबाद : राज्य परियोजना की पूर्व घोषणा के अनुसार अनुदेशक भर्ती की मेरिट लिस्ट आज जारी हो सकती है। परियोजना अधिकारियों की पूर्व घोषणा के अनुसार अनुदेशक भर्ती का कट ऑफ व मेरिट लिस्ट 22 व 23 को जारी हो सकती है।
गौरतलब है कि प्रदेश के उच्च प्राथमिक विद्यालयों में संविदा पर अनुदेशक भर्ती किए जा रहे हैं। इसके लिए महीने भर पहले आवेदन हो चुके हैं। अभ्यर्थियों को कट ऑफ और मेरिट सूची का इंतजार है। भर्ती शुरू होने के समय घोषित समय सारणी के अनुसार कट ऑफ व मेरिट लिस्ट आठ अप्रैल को घोषित कर 30 अप्रैल से काउंसिलिंग शुरू कराने का लक्ष्य रखा गया था। भर्ती के लिए प्रदेश भर में जिलेवार लगभग पांच लाख आवेदक हैं।
उत्तर प्रदेश में संविदा पर अनुदेशकों की भर्ती के लिए 41307 पद घोषित किए गए हैं। प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा सुनील कुमार की ओर से 31 जनवरी 2013 को इस संबंध में एक आदेश जारी किया गया था। इसके अनुसार सौ छात्र संख्या वाले उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कला शिक्षा, शारीरिक एवं स्वास्थ्य शिक्षा और कार्यानुभव शिक्षा के अंशकालिक अनुदेशक भर्ती किए जाने हैं। भर्ती के लिए 25 फरवरी से प्रदेश भर के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों ने विज्ञापन प्रकाशित करवाए थे। विज्ञापन के अनुसार 21 मार्च तक आवेदन शुल्क व 23 मार्च तक ऑनलाइन आवेदन हुए हैं। आठ अप्रैल को राष्ट्रीय सूचना केंद्र एनआईसी को आवेदन पत्रों के आधार पर विषय और आरक्षणवार मेरिट सूची जारी करना था।
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यूपीटेट (UP-TET) 2013 आयोजित कराये जाने के सम्‍बन्‍ध में जारी शासनादेश


श्री सुनील कुमार, प्रमुख सचिव, उ0प्र0 शासन के आदेश शिक्षा अनुभाग-11 लखनउ दि0 17 अप्रैल 2013 के द्वारा शिक्षक पात्रता परीक्षा वर्ष 2013 आयोजित कराये जाने के सम्‍बन्‍ध में शासनादेश पारित कर दिया गया है। नि:शुल्‍क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 में प्राविधानित व्‍यवस्‍थाओं के क्रम में शिक्षक पात्रता परीक्षा (UP-TET) कराये जाने की अनिवार्यतानुसार राष्‍ट्रीय अध्‍यापक शिक्षा परिषद द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार शिक्षक पात्रता परीक्षा कराई जानी है, उक्‍त परीक्षा का संचालन परीक्षा नियामक प्राधिकारी, उ0प्र0 इलाहाबाद द्वारा कराया जायेगा।
शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 की धारा 23 की उपधारा-1 द्वारा प्रदत्‍त शक्तियों के अनुक्रम में राष्‍ट्रीय अध्‍यापक शिक्षा परिषद की अधिसूचना दि0 23-08-2010 एवं संसोधित अधिसूचना दि0 29-07-2011 के द्वारा कक्षा 1 से 08 तक के शिक्षकों हेतु न्‍यूनतम अर्हता निर्धारित की गई है, जिसके द्वारा शिक्षक के रूप में नियुक्ति हेतु न्‍यूनतम निर्धारित शैक्षिक अर्हता के साथ-2 राज्‍य सरकार द्वारा आयोजित शिक्षक पात्रता परीक्षा (UP-TET) या केन्‍द्र सरकार द्वारा आयोजित शिक्षक पात्रता परीक्षा ( CTET) उत्‍तीर्ण करना अनिवार्य होगा। उक्‍त परीक्षा का आयोजन प्रत्‍येक जनपद स्‍तर पर आयोजित कराया जायेगा, जिस क्रम में एक समिति का गठन किया गया है।
टी0ई0टी0 का विज्ञापन अप्रैल 2013 माह के अन्तिम सप्‍ताह में कराया जाना है। सभी आवेदन ऑनलाइन लिये जायेगें, जिस हेतु शासन से बेवसाईट का प्रकाशन एन0आई0सी0 के माध्‍यम से किया जायेगा। परीक्षा का आयोजन वर्ष में एक बार आयोजित की जायेगी, शासन के निर्देशानुसार एक से अधिक बार भी आयोजित की जा सकती है। उक्‍त प्रमाण पत्र पॉच वर्ष के लिए मान्‍य होगा।
  • यूपीटीईटी-2013 के लिए विज्ञापन इसी महीने के आखिरी हफ्ते में निकाला जाएगा। टीईटी के लिए ऑनलाइन आवेदन लिए जाएंगे। आवेदन के लिए तीन हफ्ते का समय मिलेगा। 
  • विज्ञापन के चार सप्ताह बाद परीक्षा होगी और चार सप्ताह में परीक्षा परिणाम घोषित किया जाएगा। 
  • टीईटी के लिए ढाई घंटे का समय दिया जाएगा, यह पिछली बार की अपेक्षा एक घंटे अधिक है। बीएड वाले उच्च प्राइमरी के लिए पात्र होंगे। 
  • भाषा शिक्षकों संस्कृत, अंग्रेजी और उर्दू के लिए अलग से परीक्षा होगी।
  • इस बार टीईटी चार स्तर पर आयोजित की जाएगी। प्राथमिक कक्षा 1 से 5, भाषा शिक्षा प्राथमिक, उच्च प्राथमिक कक्षा 6 से 8 तथा भाषा शिक्षा उच्च प्राथमिक स्तर की होगी। 
  • इसके लिए 50 फीसदी अंक वाले पात्र होंगे। अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग, नि:शक्त, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित, भूतपूर्व सैनिक (स्वयं) को 5 प्रतिशत अंक में छूट होगी। 
  • इसके लिए सभी प्रश्न बहुविकल्पीय होंगे और चार विकल्प होंगे। निगेटिव मार्किंग नहीं की जाएगी। अनुसूचित जाति, जनजाति के लिए आवेदन शुल्क 150 और अन्य के लिए 300 होगा। 
  • .शुल्क ई चालान से बैंकों में जमा किए जाएंगे। अलग-अलग परीक्षा के लिए अलग-अलग शुल्क देने होंगे। नि:शक्तों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।
  • टीईटी में 60 प्रतिशत अंक पाने वाला पास माना जाएगा। अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित और भूतपूर्व सैनिक स्वयं तथा नि:शक्त को 55 प्रतिशत पर पास माना जाएगा। 
  • टीईटी आयोजित कराने के लिए जिला स्तर पर जिलाधिकारियों की अध्यक्षता में कमेटी बनाई जाएगी। यह केवल पात्रता परीक्षा होगी। टीईटी पास करने वाला केवल भर्ती प्रक्रिया के लिए पात्र होगा। 
  • टीईटी रोजगार का अधिकार नहीं देता है। इसका प्रमाण पत्र पांच साल के लिए वैध होगा। इसके खोने पर 300 रुपये जमा करके नया प्राप्त किया जा सकेगा।
  • कक्षा 1 से 5 तक: स्नातक के साथ बीटीसी, विशिष्ट बीटीसी, शिक्षा शास्त्र (विशेष शिक्षा), डीएड, सीटी नर्सरी, एनटीटी, दो वर्षीय बीटीसी उर्दू, 11 अगस्त 1997 से पूर्व मोअल्लिम-ए-उर्दू उपाधिधारक (केवल उर्दू शिक्षक के लिए) व एएलएड।
  • कक्षा 6 से 8 तक: स्नातक के साथ बीटीसी, शिक्षा शास्त्र (विशेष शिक्षा), बीएड विशेष शिक्षा, बीएड, बीएससीएड, बीएएड, बीएलएड।
  • भाषा शिक्षा संस्कृत तथा अंग्रेजी कक्षा 1 से 5 तक: स्नातक के साथ बीटीसी, शिक्षा शास्त्र (विशेष शिक्षा), डीएड, सीटी नर्सरी तथा एनटीटी।
  • भाषा शिक्षा कक्षा 6 से 8 तक संस्कृत तथा अंग्रेजी: स्नातक के साथ बीटीसी, सीटी नर्सरी, शिक्षा शास्त्र (विशेष शिक्षा), बीएड विशेष शिक्षा व बीएड। 
  • उर्दू भाषा शिक्षा कक्षा 1 से 5 तक: उर्दू विषय में स्नातकोत्तर परीक्षा उत्तीर्ण, बीटीसी, दो वर्षीय बीटीसी उर्दू, अलीगढ़ मुस्लिम विवि से डिप्लोमा इन टीचिंग तथा 11 अगस्त 1997 के पूर्व मोअल्लिम-ए-उर्दू उपाधिधारक।
  • उर्दू भाषा शिक्षा कक्षा 6 से 8 तक: उर्दू में स्नातकोत्तर, बीटीसी, बीटीसी उर्दू विशेष प्रशिक्षण, अलीगढ़ मुस्लिम विवि से डिप्लोमा इन टीचिंग तथा 11 अगस्त 1997 से पूर्व मोअल्लिम वाले। 








Friday, April 19, 2013

good news


अब टीईटी का फोटोयुक्त प्रमाणपत्र
फर्जीवाड़ा कर आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के खिलाफ होगी विधिक कार्रवाई
लखनऊ। शक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के लिए इस बार दागदार छवि वाले स्कूलों को परीक्षा केंद्र न बनाए जाने का फैसला लिया गया है। शासन ने अच्छी छवि और पर्याप्त संस्थागत सुविधाओं वाले राजकीय और सहायता प्राप्त विालयों अथवा महाविालयों को ही परीक्षा केंद्र बनाए जाने का निर्देश दिया है। यह भी कहा गया है कि अपरिहार्य परिस्थितियों में वित्तविहीन मान्यता प्राप्त विालयों को औचित्य सिद्ध होने पर परीक्षा केंद्र बनाया जाएगा। इसके अलावा परीक्षा केंद्रों का निर्धारण यथा संभव शहरी क्षेत्र में कराया जाएगा ताकि सुरक्षा की समुचित व्यवस्था की जा सके। नकल रोकने का दायित्व जिलाधिकारियों का होगा।फर्जीवाड़ा -कर आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के खिलाफ होगी विधिक कार्रवाई

UPTET : अब प्राइमरी में नहीं पढाएंगे बीएड डिग्रीधारक



Thursday, April 18, 2013



UPTET : अब प्राइमरी में नहीं पढाएंगे बीएड डिग्रीधारक

अब प्राइमरी में नहीं पढाएंगे बीएड डिग्रीधारक
टीईटी में नहीं मिलेगा मौका
- एनसीटीई की समयसीमा को देख किया फैसला

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जागरण ब्यूरो, लखनऊ : प्रदेश में होने वाली प्राथमिक स्तर की अध्यापक पात्रता परीक्षा (टीईटी) में अब बीएड डिग्रीधारक नहीं शामिल होंगे। टीईटी के आयोजन को लेकर यहां कल हुई बैठक में बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से जारी मार्गदर्शी सिद्धांतों में यह प्रावधान किया गया है

नये मार्गदर्शी सिद्धांतों में कक्षा एक से पांच के लिए प्राथमिक स्तर पर टीईटी के अभ्यर्थियों की जो शैक्षिक योग्यता तय की गई है, उसमें बीएड डिग्रीधारकों को नहीं शामिल किया गया है। वहीं उच्च प्राथमिक कक्षाओं के लिए टीईटी में 50 प्रतिशत अंकों के साथ बीएड उत्तीर्ण करने वालों को भी मौका दिया गया है। गौरतलब है 2011 में प्राथमिक स्तर पर आयोजित गई टीईटी में 50 प्रतिशत अंकों के साथ स्नातक और बीएड उत्तीर्ण करने वाले अभ्यर्थियों को मौका दिया गया था

शासन ने प्राथमिक स्तर की टीईटी में बीएड डिग्रीधारकों को शामिल न करने का फैसला राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) की निर्धारित समयसीमा पर किया। एनसीटीई ने 23 अगस्त 2010 को जो अधिसूचना जारी की थी उसमें कहा गया था कि पहली जनवरी 2012 तक कक्षा एक से पांच तक में टीईटी उत्तीर्ण वे अभ्यर्थी भी शिक्षक नियुक्त हो सकते हैं जिन्होंने 50 प्रतिशत अंकों के साथ स्नातक व बीएड की योग्यता हासिल की हो। शर्त के अनुसार अभ्यर्थियों को नियुक्ति के बाद एनसीटीई से मान्यताप्राप्त छह माह का विशेष प्रशिक्षण पूरा करना था। इसी कारण शासन ने 13 नवंबर 2011 को आयोजित प्राथमिक स्तर की टीईटी परीक्षा में बीएड डिग्रीधारकों को मौका दिया था जिसमें 2.92 लाख अभ्यर्थी उत्तीर्ण हुए

राज्य सरकार के अनुरोध पर एनसीटीई ने बीएड डिग्रीधारकों को प्राथमिक कक्षाओं में शिक्षक नियुक्त करने की समयसीमा को 31 मार्च 2014 तक बढ़ा दिया। चूंकि प्राथमिक स्तर पर शिक्षकों की भर्ती के लिए टीईटीउत्तीर्ण बीएड डिग्रीधारक अभ्यर्थी बड़ी संख्या में उपलब्ध हैं जिन्हें शासन के लिए 31 मार्च 2014 तक शिक्षक नियुक्त कर पाना संभव नहीं होगा। लिहाजा शासन ने भविष्य में आयोजित होने वाली प्राथमिक स्तर की टीईटी में बीएड डिग्रीधारकों को शामिल न करने का फैसला किया है।

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ये हो सकेंगे परीक्षा में शामिल

नये मार्गदर्शी सिद्धांत के अनुसार प्राथमिक स्तर की टीईटी में 50 प्रतिशत अंकों के साथ स्नातक करने वाले तथा बीटीसी या एनसीटीई/भारतीय पुनर्वास परिषद से शिक्षा शास्त्र (विशेष शिक्षा) में दो वर्षीय डिप्लोमा या सीटी (नर्सरी)/नर्सरी टीचर ट्रेनिंग (एनटीटी) या स्नातक तथा विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षण/दो वर्षीय बीटीसी उर्दू विशेष प्रशिक्षण/अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से डिप्लोमा इन टीचिंग उत्तीर्ण/11 अगस्त 1997 के पूर्व के मोअल्लिम-ए-उर्दू उपाधिधारक (उर्दू शिक्षक के लिए) या चार वर्षीय प्रारंभिक शिक्षा शास्त्र में स्नातक (बीएलएड) उत्तीर्ण अभ्यर्थी शामिल हो सकते हैं


News Source / Sabhaar : Jagran (Updated on: Thu, 18 Apr 2013 09:01 AM (IST))
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Matter is highly COMPLICATED (JATIL ) for B. Ed 2012 Candidates.
If this Guidelines followed - B. Ed candidates are eligible till 1st Jan.2012

But it is a Good News for UPTET 2011 candidates as they are highly confused and have fear that there seats may not fill by new B.Ed UPTET Qualified candidates.

UPTET : टीईटी सभी के लिए अनिवार्य


UPTET : टीईटी सभी के लिए अनिवार्य

फुल बेंच के सामने एनसीटीई ने दिया स्पष्टीकरण

टीईटी की अनिवार्यता पर बहस पूरी, आदेश सुरक्षित

इलाहाबाद(ब्यूरो)। टीईटी सभी के लिए अनिवार्य है। एनसीटीई ने किसी भी वर्ग को इससे छूट नहीं दी है। स्नातक बीएड डिग्री धारकों को भी इस अर्हता से मुक्त नहीं रखा गया है। सहायक अध्यापक भर्ती में टीईटीकी अनिवार्यता के प्रश्न पर सुनवाई कर रही फुल बेंच के सामने एनसीटीई ने यह स्पष्टीकरण दिया है। एनसीटीई के अधिवक्ता रिज़वान अली अख्तर ने स्थिति को स्पष्ट करते हुए कहा कि 23 अगस्त 2010 को जारी अधिसूचना के प्रथम प्रस्तर में ही यह स्पष्ट कर दिया गया है कि टीईटी अनिवार्य अर्हता है। जहां तक

  प्रस्तर तीन में स्नातक बीएड के संबंध कही गई बात का प्रश्न है उसका अर्थ यह नहीं समझा जाना चाहिए कि उन पर टीईटी की बाध्यता नहीं है। अधिसूचना के पांच पैराग्राफ में पहला अर्हता से संबंधित है तथा शेष चार पैराग्राफ पहले पैराग्राफ की व्याख्या और स्पष्टीकरण है

सुनवाई पूरी होने के बाद फुल बेंच ने अपना निर्णय सुरक्षित कर लिया है।

बहस के दौरान सरकार के अपर महाधिवक्ता सीबी यादव ने भी कहा कि एनसीटीई का नोटिफिकेशन आने के बाद बेसिक शिक्षा सेवा नियमावली 1981 में संशोधन कर दिया गया है। अब प्राथमिक विद्यालयों मेें टीईटी के बिना कोई नियुक्त नहीं हो सकेगा। हालांकि अपर महाधिवक्ता ने विशिष्ट बीटीसी और बीटीसी अभ्यर्थियों की नियुक्ति के संबंध में कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया। कहना था कि इस मामले को किसी याचिका में चुनौती नहीं दी गई है। विशिष्ट बीटीसी अभ्यर्थियों ने कहा कि वह प्रशिक्षित हैं और नियुक्ति प्रक्रिया के तहत चयन हुआ है, इसलिए उनको टीईटी से छूट दी जाए। प्रदेश सरकार का कहना था कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम में भी सहायक अध्यापक नियुक्ति के लिए टीईटी होना अनिवार्य है। विशिष्ट बीटीसी 2004 की नियुक्ति को लेकर अधिवक्ता आलोक मिश्र ने कहा कि इनका चयन टीईटी की अनिवार्यता लागू होने से पूर्व हो चुकी थी इसलिए टीईटी पास किए बिना नियुक्ति दी जाए।



News Source / Sabhaar : Amar Ujala (18.4.2013)
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Paragraph 1 -



And NCTE Clears Para 3 is Interpretation and Linked to Para 1 And therefore TET is Must & Qualification for Teachers -

Para 3 -


UPTET 2013 : URDU TET SPECIAL ESSAY EXAM


UPTET 2013 : URDU TET SPECIAL ESSAY EXAM - SIMPLE & EASY TO PASS

See news -

News Source / Sabhaar : Amar Ujala (18.4.2013)

UPTET : टीईटी ः ऑनलाइन होंगे आवेदन


UPTET : अब प्राइमरी में नहीं पढाएंगे बीएड डिग्रीधारक









अब प्राइमरी में नहीं पढाएंगे बीएड डिग्रीधारक
टीईटी में नहीं मिलेगा मौका
- एनसीटीई की समयसीमा को देख किया फैसला


प्रदेश में होने वाली प्राथमिक स्तर की अध्यापक पात्रता परीक्षा (टीईटी) में अब बीएड डिग्रीधारक नहीं शामिल होंगे। टीईटी के आयोजन को लेकर यहां कल हुई बैठक में बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से जारी मार्गदर्शी सिद्धांतों में यह प्रावधान किया गया है

नये मार्गदर्शी सिद्धांतों में कक्षा एक से पांच के लिए प्राथमिक स्तर पर टीईटी के अभ्यर्थियों की जो शैक्षिक योग्यता तय की गई है, उसमें बीएड डिग्रीधारकों को नहीं शामिल किया गया है। वहीं उच्च प्राथमिक कक्षाओं के लिए टीईटी में 50 प्रतिशत अंकों के साथ बीएड उत्तीर्ण करने वालों को भी मौका दिया गया है। गौरतलब है 2011 में प्राथमिक स्तर पर आयोजित गई टीईटी में 50 प्रतिशत अंकों के साथ स्नातक और बीएड उत्तीर्ण करने वाले अभ्यर्थियों को मौका दिया गया था

शासन ने प्राथमिक स्तर की टीईटी में बीएड डिग्रीधारकों को शामिल न करने का फैसला राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) की निर्धारित समयसीमा पर किया। एनसीटीई ने 23 अगस्त 2010 को जो अधिसूचना जारी की थी उसमें कहा गया था कि पहली जनवरी 2012 तक कक्षा एक से पांच तक में टीईटी उत्तीर्ण वे अभ्यर्थी भी शिक्षक नियुक्त हो सकते हैं जिन्होंने 50 प्रतिशत अंकों के साथ स्नातक व बीएड की योग्यता हासिल की हो। शर्त के अनुसार अभ्यर्थियों को नियुक्ति के बाद एनसीटीई से मान्यताप्राप्त छह माह का विशेष प्रशिक्षण पूरा करना था। इसी कारण शासन ने 13 नवंबर 2011 को आयोजित प्राथमिक स्तर की टीईटी परीक्षा में बीएड डिग्रीधारकों को मौका दिया था जिसमें 2.92 लाख अभ्यर्थी उत्तीर्ण हुए

राज्य सरकार के अनुरोध पर एनसीटीई ने बीएड डिग्रीधारकों को प्राथमिक कक्षाओं में शिक्षक नियुक्त करने की समयसीमा को 31 मार्च 2014 तक बढ़ा दिया। चूंकि प्राथमिक स्तर पर शिक्षकों की भर्ती के लिए टीईटीउत्तीर्ण बीएड डिग्रीधारक अभ्यर्थी बड़ी संख्या में उपलब्ध हैं जिन्हें शासन के लिए 31 मार्च 2014 तक शिक्षक नियुक्त कर पाना संभव नहीं होगा। लिहाजा शासन ने भविष्य में आयोजित होने वाली प्राथमिक स्तर की टीईटी में बीएड डिग्रीधारकों को शामिल न करने का फैसला किया है।

ये हो सकेंगे परीक्षा में शामिल

नये मार्गदर्शी सिद्धांत के अनुसार प्राथमिक स्तर की टीईटी में 50 प्रतिशत अंकों के साथ स्नातक करने वाले तथा बीटीसी या एनसीटीई/भारतीय पुनर्वास परिषद से शिक्षा शास्त्र (विशेष शिक्षा) में दो वर्षीय डिप्लोमा या सीटी (नर्सरी)/नर्सरी टीचर ट्रेनिंग (एनटीटी) या स्नातक तथा विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षण/दो वर्षीय बीटीसी उर्दू विशेष प्रशिक्षण/अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से डिप्लोमा इन टीचिंग उत्तीर्ण/11 अगस्त 1997 के पूर्व के मोअल्लिम-ए-उर्दू उपाधिधारक (उर्दू शिक्षक के लिए) या चार वर्षीय प्रारंभिक शिक्षा शास्त्र में स्नातक (बीएलएड) उत्तीर्ण अभ्यर्थी शामिल हो सकते हैं

Thursday, April 18, 2013

दो महीने में शुरू होगी 45 हजार शिक्षकों की भर्ती



इलाहाबाद | हिन्दुस्तान, वरिष्ठ संवाददाता
बेसिक शिक्षा परिषद् से जुड़े लगभग 45 हजार शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू होगी |इनमे से बी टी सी ,विशिष्ट बी टी सी और उर्दू बी टी सी प्रशिक्षित 10800 सहायक अध्यापकों की भर्ती का शासनादेश जारी हो चुका है जबकि उर्दू भाषा के चार हजार शिक्षकों की भर्ती को कैबिनेट की मंजूरी मिल चुकी है | इसके अलावा जूनियर हाई स्कूलों में विज्ञानं व गणित के लगभग 30 हजार सहायक अध्यापकों की नियुक्ति प्रक्रिया भी जल्द ही शुरू होने वाली है |बेसिक शिक्षा परिषद् ने 30 हजार शिक्षकों की नियुक्ति का प्रस्ताव अनुमोदन के लिए सरकार को भेज दिया है |
दरअसल 27 जुलाई 2011 को प्रदेश में निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने के बाद मुश्किल से तीन साढ़े तीन हजार शिक्षकों की भर्ती हो सकी है ,जबकि स्कूलों में शिक्षकों के आधे से अधिक पड़ खाली पड़े है |पहली बार हुआ टी ई टी विवादों में फसने के कारण प्राइमरी के 72825 सहायक अध्यापको की भर्ती दो दो बार विज्ञापन जारी होने के वावजूद भी पूरी नहीं हो सकी है | नियुक्ति नहीं होने के हालात और बदतर हो जायेंगे | वैसे भी एक जुलाई 13 से पहले प्रदेश भर के लगभग 13 हजार शिकाह्क रिटायर हो जायेंगे | इन परिस्थितियों में सरकार पर आरटीई के प्रावधानों को लागू करने का काफी दबाव है |जूनियर हाई स्कूल के लिए टी ई टी 2011 में ही हो चुकी है और उसे लेकर कोई विवाद नहीं है | सूत्रों के अनुसार प्राथमिक शिक्षकों के टी ई टी का विवाद हल होने के तुरंत बाद शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कर दी जायेगी | फिलहाल अधिकारियों की निगाहें हाई कोर्ट के रुख पर टिकी हुईं हैं |

Wednesday, April 17, 2013


एनसीटीई को न्यूनतम योग्यता निर्धारण का अधिकार नहीं

टीईटी मामले की सुनवाई में अधिवक्ताओं ने दिए तर्क

उच्च न्यायालय की पूर्ण पीठ कर रही है सुनवाई



जागरण ब्यूरो, इलाहाबाद : उच्च न्यायालय की पूर्ण पीठ में मंगलवार को टीईटी प्रकरण को लेकर शुरू हुई बहस में इसकी अनिवार्यता को लेकर सवाल उठे। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ताओं ने तर्क दिया कि टीईटी शैक्षिक योग्यता नहीं है। इसलिए इसे अनिवार्य नहीं माना जा सकता। एनसीटीई को इसे अनिवार्य करने का अधिकार ही नहीं है। पूर्णपीठ के समक्ष यह बहस जारी रहेगी। अभी सरकार और केंद्र सरकार का पक्ष आना बाकी है।

हाईकोर्ट में न्यायमूर्ति सुनील अम्बवानी, न्यायमूर्ति एपी शाही तथा न्यायमूर्ति पीकेएस बघेल की पूर्णपीठ कर रही है। टीईटी को लेकर लगभग तीन दर्जन याचिकाएं दायर हैं। इसमें दो प्रमुख बिंदुओं कि टीईटी अनिवार्य है नहीं और क्या बीएड डिग्रीधारकों को प्रशिक्षण की शर्त पर सहायक अध्यापक नियुक्त किया जा सकता है, पर विचार के लिए मामला पूर्णपीठ को संदर्भित किया गया है। दायर याचिकाओं में कुछ में राज्य सरकार की अधिसूचनाओं को भी चुनौती दी गई है। मंगलवार को सुनवाई के दौरान वकील राहुल अग्रवाल ने कहा कि एनसीटीई को न्यूनतम योग्यता निर्धारण का अधिकार नहीं है। उन्होंने कई न्यायिक फैसलों का उदाहरण भी दिया। वकील अरविंद श्रीवास्तव ने कहा कि विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षुओं को भी नियुक्ति दी जानी चाहिए। सरकार प्रशिक्षित अभ्यर्थियों की मौजूदगी के बावजूद गैर प्रशिक्षितों की नियुक्ति कर बाद में प्रशिक्षित करना चाहती है।

News Sabhaar : Jagran (17.4.13)
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शिक्षक भर्ती में अदालत की कार्यवाही- 17 को सुनवाई जारी
शिक्षक भारती मामले की सुनवाई के शुरुआत में नॉन टेट वालो को भर्ती में शामिल करने के मामले पर बहस हुई| शिक्षको की गुणवत्ता के लिए टेट को जरुरी बताया| चर्चा हुई कि एक सर्वे के मुताबिक 30 फ़ीसदी से ज्यादा सरकारी स्कूलों के प्राइमरी छात्र ठीक से पढ़ना और लिखना तक नहीं जानते| इतना ही नहीं बी एड पास 95 फ़ीसदी कैंडिडेट अभी भी घर बैठे है| इसीलिए शिक्षक बनने के लिए टेट पास होना जरुरी है| लिहाजा नॉन टेट तो लगभग शिक्षक भर्ती से बाहर होने के आसार है| हालाँकि अंतिम फैसला जारी होने का इन्तजार करना होगा|

उच्च न्यायालय की पूर्ण पीठ में मंगलवार को टीईटी प्रकरण को लेकर शुरू हुई बहस में इसकी अनिवार्यता को लेकर सवाल उठे। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ताओं ने तर्क दिया कि टीईटी शैक्षिक योग्यता नहीं है। इसलिए इसे अनिवार्य नहीं माना जा सकता। एनसीटीई को इसे अनिवार्य करने का अधिकार ही नहीं है। पूर्णपीठ के समक्ष यह बहस जारी रहेगी। अभी सरकार और केंद्र सरकार का पक्ष आना बाकी है।

हाईकोर्ट में इस मुद्दे की सुनवाई न्यायमूर्ति सुनील अम्बवानी, न्यायमूर्ति एपी शाही तथा न्यायमूर्ति पीकेएस बघेल की पूर्णपीठ कर रही है। टीईटी को लेकर लगभग तीन दर्जन याचिकाएं दायर हैं। इसमें दो प्रमुख बिंदुओं कि टीईटी अनिवार्य है नहीं और क्या बीएड डिग्रीधारकों को प्रशिक्षण की शर्त पर सहायक अध्यापक नियुक्त किया जा सकता है, पर विचार के लिए मामला पूर्णपीठ को संदर्भित किया गया है। दायर याचिकाओं में कुछ में राज्य सरकार की अधिसूचनाओं को भी चुनौती दी गई है।

मंगलवार को सुनवाई के दौरान अधिवक्ता राहुल अग्रवाल ने कहा कि एनसीटीई को न्यूनतम योग्यता निर्धारण का अधिकार नहीं है। उन्होंने कई न्यायिक फैसलों का उदाहरण भी दिया। दूसरी ओर अधिवक्ता अरविंद श्रीवास्तव ने कहा कि विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षुओं को भी नियुक्ति दी जानी चाहिए। सरकार प्रशिक्षित अभ्यर्थियों की मौजूदगी के बावजूद गैर प्रशिक्षितों की नियुक्ति कर बाद में प्रशिक्षित करना चाहती है। उन्होंने कहा कि शिक्षा मित्रों को नियुक्त किया जा रहा है और प्रशिक्षित लोगों को नियुक्ति नहीं दी जा रही है।

बहस के बिंदुओं में यह भी सवाल है कि क्या सरकार टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों की नियुक्ति के बाद उन्हें प्रशिक्षित करेगी। विशिष्ट बीटीसी धारकों की याचिका में यह तर्क है कि वे पहले से प्रशिक्षित हैं और टीईटी भी उत्तीर्ण हैं। ऐसे में उन्हें प्राथमिकता के आधार पर नियुक्त किया जाना चाहिए। बीटीसी प्रशिक्षितों का तर्क है कि उन्हें प्रशिक्षण ही नियुक्ति के लिए दिया गया है। जिस समय उन्हें प्रशिक्षण दिया गया, उस समय टीईटी की अनिवार्यता नहीं थी। ऐसे में उनके अधिकारों का हनन हो रहा है।

दिन भर चली सुनवाई के दौरान अदालत लोगों से खचाखच भरी रही। इनमें अभ्यर्थी थे तो अधिकारी भी। अधिवक्ताओं की भीड़ भी दिन भर रही। सुनवाई लगातार कई दिन चलने के आसार हैं। आगे चलकर अदालत में एनसीटीई, केंद्र और राज्य सरकार की ओर से अपना पक्ष रखा जा सकता है। इस प्रकरण पर फैसले के बाद प्रदेश में अनिवार्य शिक्षा के कानून को वास्तविक अमलीजामा पहनाया जा सकेगा। साथ ही प्रदेश में 72 हजार सहायक अध्यापकों की नियुक्ति का मार्ग भी प्रशस्त होगा

एनसीटीई को न्यूनतम योग्यता निर्धारण का अधिकार नहीं

टीईटी मामले की सुनवाई में अधिवक्ताओं ने दिए तर्क

उच्च न्यायालय की पूर्ण पीठ कर रही है सुनवाई



जागरण ब्यूरो, इलाहाबाद : उच्च न्यायालय की पूर्ण पीठ में मंगलवार को टीईटी प्रकरण को लेकर शुरू हुई बहस में इसकी अनिवार्यता को लेकर सवाल उठे। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ताओं ने तर्क दिया कि टीईटी शैक्षिक योग्यता नहीं है। इसलिए इसे अनिवार्य नहीं माना जा सकता। एनसीटीई को इसे अनिवार्य करने का अधिकार ही नहीं है। पूर्णपीठ के समक्ष यह बहस जारी रहेगी। अभी सरकार और केंद्र सरकार का पक्ष आना बाकी है।

हाईकोर्ट में न्यायमूर्ति सुनील अम्बवानी, न्यायमूर्ति एपी शाही तथा न्यायमूर्ति पीकेएस बघेल की पूर्णपीठ कर रही है। टीईटी को लेकर लगभग तीन दर्जन याचिकाएं दायर हैं। इसमें दो प्रमुख बिंदुओं कि टीईटी अनिवार्य है नहीं और क्या बीएड डिग्रीधारकों को प्रशिक्षण की शर्त पर सहायक अध्यापक नियुक्त किया जा सकता है, पर विचार के लिए मामला पूर्णपीठ को संदर्भित किया गया है। दायर याचिकाओं में कुछ में राज्य सरकार की अधिसूचनाओं को भी चुनौती दी गई है। मंगलवार को सुनवाई के दौरान वकील राहुल अग्रवाल ने कहा कि एनसीटीई को न्यूनतम योग्यता निर्धारण का अधिकार नहीं है। उन्होंने कई न्यायिक फैसलों का उदाहरण भी दिया। वकील अरविंद श्रीवास्तव ने कहा कि विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षुओं को भी नियुक्ति दी जानी चाहिए। सरकार प्रशिक्षित अभ्यर्थियों की मौजूदगी के बावजूद गैर प्रशिक्षितों की नियुक्ति कर बाद में प्रशिक्षित करना चाहती है।

News Sabhaar : Jagran (17.4.13)
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शिक्षक भर्ती में अदालत की कार्यवाही- 17 को सुनवाई जारी
शिक्षक भारती मामले की सुनवाई के शुरुआत में नॉन टेट वालो को भर्ती में शामिल करने के मामले पर बहस हुई| शिक्षको की गुणवत्ता के लिए टेट को जरुरी बताया| चर्चा हुई कि एक सर्वे के मुताबिक 30 फ़ीसदी से ज्यादा सरकारी स्कूलों के प्राइमरी छात्र ठीक से पढ़ना और लिखना तक नहीं जानते| इतना ही नहीं बी एड पास 95 फ़ीसदी कैंडिडेट अभी भी घर बैठे है| इसीलिए शिक्षक बनने के लिए टेट पास होना जरुरी है| लिहाजा नॉन टेट तो लगभग शिक्षक भर्ती से बाहर होने के आसार है| हालाँकि अंतिम फैसला जारी होने का इन्तजार करना होगा|

उच्च न्यायालय की पूर्ण पीठ में मंगलवार को टीईटी प्रकरण को लेकर शुरू हुई बहस में इसकी अनिवार्यता को लेकर सवाल उठे। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ताओं ने तर्क दिया कि टीईटी शैक्षिक योग्यता नहीं है। इसलिए इसे अनिवार्य नहीं माना जा सकता। एनसीटीई को इसे अनिवार्य करने का अधिकार ही नहीं है। पूर्णपीठ के समक्ष यह बहस जारी रहेगी। अभी सरकार और केंद्र सरकार का पक्ष आना बाकी है।

हाईकोर्ट में इस मुद्दे की सुनवाई न्यायमूर्ति सुनील अम्बवानी, न्यायमूर्ति एपी शाही तथा न्यायमूर्ति पीकेएस बघेल की पूर्णपीठ कर रही है। टीईटी को लेकर लगभग तीन दर्जन याचिकाएं दायर हैं। इसमें दो प्रमुख बिंदुओं कि टीईटी अनिवार्य है नहीं और क्या बीएड डिग्रीधारकों को प्रशिक्षण की शर्त पर सहायक अध्यापक नियुक्त किया जा सकता है, पर विचार के लिए मामला पूर्णपीठ को संदर्भित किया गया है। दायर याचिकाओं में कुछ में राज्य सरकार की अधिसूचनाओं को भी चुनौती दी गई है।

मंगलवार को सुनवाई के दौरान अधिवक्ता राहुल अग्रवाल ने कहा कि एनसीटीई को न्यूनतम योग्यता निर्धारण का अधिकार नहीं है। उन्होंने कई न्यायिक फैसलों का उदाहरण भी दिया। दूसरी ओर अधिवक्ता अरविंद श्रीवास्तव ने कहा कि विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षुओं को भी नियुक्ति दी जानी चाहिए। सरकार प्रशिक्षित अभ्यर्थियों की मौजूदगी के बावजूद गैर प्रशिक्षितों की नियुक्ति कर बाद में प्रशिक्षित करना चाहती है। उन्होंने कहा कि शिक्षा मित्रों को नियुक्त किया जा रहा है और प्रशिक्षित लोगों को नियुक्ति नहीं दी जा रही है।

बहस के बिंदुओं में यह भी सवाल है कि क्या सरकार टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों की नियुक्ति के बाद उन्हें प्रशिक्षित करेगी। विशिष्ट बीटीसी धारकों की याचिका में यह तर्क है कि वे पहले से प्रशिक्षित हैं और टीईटी भी उत्तीर्ण हैं। ऐसे में उन्हें प्राथमिकता के आधार पर नियुक्त किया जाना चाहिए। बीटीसी प्रशिक्षितों का तर्क है कि उन्हें प्रशिक्षण ही नियुक्ति के लिए दिया गया है। जिस समय उन्हें प्रशिक्षण दिया गया, उस समय टीईटी की अनिवार्यता नहीं थी। ऐसे में उनके अधिकारों का हनन हो रहा है।

दिन भर चली सुनवाई के दौरान अदालत लोगों से खचाखच भरी रही। इनमें अभ्यर्थी थे तो अधिकारी भी। अधिवक्ताओं की भीड़ भी दिन भर रही। सुनवाई लगातार कई दिन चलने के आसार हैं। आगे चलकर अदालत में एनसीटीई, केंद्र और राज्य सरकार की ओर से अपना पक्ष रखा जा सकता है। इस प्रकरण पर फैसले के बाद प्रदेश में अनिवार्य शिक्षा के कानून को वास्तविक अमलीजामा पहनाया जा सकेगा। साथ ही प्रदेश में 72 हजार सहायक अध्यापकों की नियुक्ति का मार्ग भी प्रशस्त होगा

एनसीटीई को न्यूनतम योग्यता निर्धारण का अधिकार नहीं

टीईटी मामले की सुनवाई में अधिवक्ताओं ने दिए तर्क

उच्च न्यायालय की पूर्ण पीठ कर रही है सुनवाई



जागरण ब्यूरो, इलाहाबाद : उच्च न्यायालय की पूर्ण पीठ में मंगलवार को टीईटी प्रकरण को लेकर शुरू हुई बहस में इसकी अनिवार्यता को लेकर सवाल उठे। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ताओं ने तर्क दिया कि टीईटी शैक्षिक योग्यता नहीं है। इसलिए इसे अनिवार्य नहीं माना जा सकता। एनसीटीई को इसे अनिवार्य करने का अधिकार ही नहीं है। पूर्णपीठ के समक्ष यह बहस जारी रहेगी। अभी सरकार और केंद्र सरकार का पक्ष आना बाकी है।

हाईकोर्ट में न्यायमूर्ति सुनील अम्बवानी, न्यायमूर्ति एपी शाही तथा न्यायमूर्ति पीकेएस बघेल की पूर्णपीठ कर रही है। टीईटी को लेकर लगभग तीन दर्जन याचिकाएं दायर हैं। इसमें दो प्रमुख बिंदुओं कि टीईटी अनिवार्य है नहीं और क्या बीएड डिग्रीधारकों को प्रशिक्षण की शर्त पर सहायक अध्यापक नियुक्त किया जा सकता है, पर विचार के लिए मामला पूर्णपीठ को संदर्भित किया गया है। दायर याचिकाओं में कुछ में राज्य सरकार की अधिसूचनाओं को भी चुनौती दी गई है। मंगलवार को सुनवाई के दौरान वकील राहुल अग्रवाल ने कहा कि एनसीटीई को न्यूनतम योग्यता निर्धारण का अधिकार नहीं है। उन्होंने कई न्यायिक फैसलों का उदाहरण भी दिया। वकील अरविंद श्रीवास्तव ने कहा कि विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षुओं को भी नियुक्ति दी जानी चाहिए। सरकार प्रशिक्षित अभ्यर्थियों की मौजूदगी के बावजूद गैर प्रशिक्षितों की नियुक्ति कर बाद में प्रशिक्षित करना चाहती है।

News Sabhaar : Jagran (17.4.13)
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शिक्षक भर्ती में अदालत की कार्यवाही- 17 को सुनवाई जारी
शिक्षक भारती मामले की सुनवाई के शुरुआत में नॉन टेट वालो को भर्ती में शामिल करने के मामले पर बहस हुई| शिक्षको की गुणवत्ता के लिए टेट को जरुरी बताया| चर्चा हुई कि एक सर्वे के मुताबिक 30 फ़ीसदी से ज्यादा सरकारी स्कूलों के प्राइमरी छात्र ठीक से पढ़ना और लिखना तक नहीं जानते| इतना ही नहीं बी एड पास 95 फ़ीसदी कैंडिडेट अभी भी घर बैठे है| इसीलिए शिक्षक बनने के लिए टेट पास होना जरुरी है| लिहाजा नॉन टेट तो लगभग शिक्षक भर्ती से बाहर होने के आसार है| हालाँकि अंतिम फैसला जारी होने का इन्तजार करना होगा|

उच्च न्यायालय की पूर्ण पीठ में मंगलवार को टीईटी प्रकरण को लेकर शुरू हुई बहस में इसकी अनिवार्यता को लेकर सवाल उठे। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ताओं ने तर्क दिया कि टीईटी शैक्षिक योग्यता नहीं है। इसलिए इसे अनिवार्य नहीं माना जा सकता। एनसीटीई को इसे अनिवार्य करने का अधिकार ही नहीं है। पूर्णपीठ के समक्ष यह बहस जारी रहेगी। अभी सरकार और केंद्र सरकार का पक्ष आना बाकी है।

हाईकोर्ट में इस मुद्दे की सुनवाई न्यायमूर्ति सुनील अम्बवानी, न्यायमूर्ति एपी शाही तथा न्यायमूर्ति पीकेएस बघेल की पूर्णपीठ कर रही है। टीईटी को लेकर लगभग तीन दर्जन याचिकाएं दायर हैं। इसमें दो प्रमुख बिंदुओं कि टीईटी अनिवार्य है नहीं और क्या बीएड डिग्रीधारकों को प्रशिक्षण की शर्त पर सहायक अध्यापक नियुक्त किया जा सकता है, पर विचार के लिए मामला पूर्णपीठ को संदर्भित किया गया है। दायर याचिकाओं में कुछ में राज्य सरकार की अधिसूचनाओं को भी चुनौती दी गई है।

मंगलवार को सुनवाई के दौरान अधिवक्ता राहुल अग्रवाल ने कहा कि एनसीटीई को न्यूनतम योग्यता निर्धारण का अधिकार नहीं है। उन्होंने कई न्यायिक फैसलों का उदाहरण भी दिया। दूसरी ओर अधिवक्ता अरविंद श्रीवास्तव ने कहा कि विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षुओं को भी नियुक्ति दी जानी चाहिए। सरकार प्रशिक्षित अभ्यर्थियों की मौजूदगी के बावजूद गैर प्रशिक्षितों की नियुक्ति कर बाद में प्रशिक्षित करना चाहती है। उन्होंने कहा कि शिक्षा मित्रों को नियुक्त किया जा रहा है और प्रशिक्षित लोगों को नियुक्ति नहीं दी जा रही है।

बहस के बिंदुओं में यह भी सवाल है कि क्या सरकार टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों की नियुक्ति के बाद उन्हें प्रशिक्षित करेगी। विशिष्ट बीटीसी धारकों की याचिका में यह तर्क है कि वे पहले से प्रशिक्षित हैं और टीईटी भी उत्तीर्ण हैं। ऐसे में उन्हें प्राथमिकता के आधार पर नियुक्त किया जाना चाहिए। बीटीसी प्रशिक्षितों का तर्क है कि उन्हें प्रशिक्षण ही नियुक्ति के लिए दिया गया है। जिस समय उन्हें प्रशिक्षण दिया गया, उस समय टीईटी की अनिवार्यता नहीं थी। ऐसे में उनके अधिकारों का हनन हो रहा है।

दिन भर चली सुनवाई के दौरान अदालत लोगों से खचाखच भरी रही। इनमें अभ्यर्थी थे तो अधिकारी भी। अधिवक्ताओं की भीड़ भी दिन भर रही। सुनवाई लगातार कई दिन चलने के आसार हैं। आगे चलकर अदालत में एनसीटीई, केंद्र और राज्य सरकार की ओर से अपना पक्ष रखा जा सकता है। इस प्रकरण पर फैसले के बाद प्रदेश में अनिवार्य शिक्षा के कानून को वास्तविक अमलीजामा पहनाया जा सकेगा। साथ ही प्रदेश में 72 हजार सहायक अध्यापकों की नियुक्ति का मार्ग भी प्रशस्त होगा