ऑन लाइन भर्ती प्रक्रिया की खुली कलई
मेरिट की गड़बड़ियों को देखते हुए कई जिलों ने कट ऑफ लिस्ट को वेबसाइट से हटाया कमल तिवारी/एसएनबी लखनऊ। प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती के लिए काउंसलिंग की कट आफ घोषित होते ही ऑन लाइन भर्ती प्रक्रिया की कलई खुल गयी है। कट आफ के बाद जारी की गयी पूरी मेरिट की गड़बड़ियों को देखते हुए अब कई जिलों ने कट आफ लिस्ट को ही वेबसाइट से हटा लिया है, सिर्फ कट आफ प्रतिशत को ही विज्ञप्ति के रूप में जारी कर रहे हैं। ऐसे में अभ्यर्थियों को अपनी कट आफ की स्थिति जानने के लिए आवेदित जिलों की परिक्रमा करनी होगी। अभ्यर्थियों ने गड़बड़ियों को लेकर पहले ही सवाल खड़े किये थे, लेकिन खामियों की यही स्थिति रही तो प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती पूरी करना किसी यक्ष प्रश्न से कम न होगा। अब बेसिक शिक्षा परिषद के अफसर इन गलतियों के लिए जिलों पर जिम्मा थोप रहे हैं। काउंसलिंग के लिए सबसे पहले कट आफ मेरिट घोषित करने में बाजी मारने वाले कुशीनगर की लिस्ट पर नजर दौड़ते ही खामियों की भरमार मिल जा रही है। सामान्य अभ्यर्थियों की सूची में पहला स्थान बनाने वाले अन्य पिछड़े वर्ग के ममतेश ने तो कमाल ही कर दिया। स्नातक में दस अंकों का पूर्णाक दिखाने वाले ममतेश को 73 अंक मिले हैं, कुछ आवेदक तो इसके आगे भी निकल गये हैं। सामान्य वर्ग के चन्द्रभान की मेरिट 100 फीसद है, तो ओबीसी के ममतेश की 2971.28 है। 100 अंकों के योग तक पहुंचने वाले चार और आवेदक हैं जो हाईस्कूल से लेकर बीएड तक में 100 फीसद अंक लाये हैं, यानि हाईस्कूल में 500 में 500, इंटरमीडिएट में 600 में 600, स्नातक में किसी का पूर्णाक 900 का है तो किसी का 2200 का। मेरिट में 14वें स्थान पर रहे प्रदीप कुमार पाण्डेय के भी स्नातक में 1350 में 1350 अंक मिले हैं, तो बीएड में पूरे अंक लेकर मेरिट कट आफ में 87.51 फीसद पर हैं। 15वें स्थान पर आने वाले धम्रेन्द्र सिंह स्नातक में 1200 में 1200 व बीएड में 1000 में 1000 अंक लाने वाले मेधावी प्रशिक्षु भर्ती की कतार में हैं। अब सवाल एक और भी है कि यह गलती ऑन लाइन आवेदन में अभ्यर्थियों ने की तो उनके आवेदन पत्रों को खारिज क्यों नहीं किया गया। गलती कम्प्यूटर की प्रक्रिया में हुई तो फिर इसको जारी करने से पहले जांचा क्यों नहीं गया और अगर आवेदन पत्रों को खारिज कर दिया गया था तो उन्हें मेरिट कट आफ में स्थान क्यों दिया गया। इन गलत अभ्यर्थियों को बाहर रखा गया होता तो कम मेरिट वाले अभ्यर्थी काउंसलिंग में आने के लिए जगह पा सकते थे। कुशीनगर की कट आफ मेरिट में इन खामियों को उजागर होने के बाद भर्ती प्रक्रिया अब सवालों के घेरे में आ गयी है। इन खामियों की आहट दूसरे जिलों तक में हुई है। लखनऊ मण्डल के ही कई जिलों ने कट आफ तो घोषित कर दिया गया, लेकिन आवेदकों का ब्योरा सार्वजनिक नहीं किया है, उसे वेबसाइट पर डालने के बाद कुछ जिलों ने हटा लिया है। गलतियों का पुलिंदा बनी कट आफ मेरिट कहीं मेधावियों के भविष्य से खिलवाड़ न साबित हो जाए। सूत्रों का कहना है कि कुशीनगर की कट आफ मेरिट में पहला स्थान बनाने वाले ममतेश को इसी रिकार्ड से 30 से ज्यादा जिलों में पहला स्थान मिला है जबकि सीतापुर से लेकर सभी जिलों में उनके ब्योरा में स्नातक में पूर्णाक दस व प्राप्तांक 743 दिखाया गया है। इन गलतियों के उजागर होने के बाद तो चयन प्रक्रिया की मॉनीटरिंग करने वाले बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव संजय सिन्हा गलतियों का जिम्मा जिलों पर डाल रहे हैं। गलती जिले की है तो भी उसको दूर करने की जिम्मेदारी से परिषद के अफसर कैसे बच सकते हैं। उल्लेखनीय है कि सूबे में आरटीई लागू होने के बाद टीईटी अनिवार्य कर दी गयी है। प्रदेश सरकार को शिक्षकों की कमी पूरी करने के लिए एक-दो मौके मिले हैं, लेकिन लगता नहीं है कि चयन प्रक्रिया समय से पूरी हो सकेगी।
Thursday, January 31, 2013
शामिल हुए तो दूसरा मौका नहीं प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती :
शामिल हुए तो दूसरा मौका नहीं प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती :
एक बार चूके तो नहीं मिलेगा मौका जागरण संवाददाता, इलाहाबाद : प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती के लिए अभ्यर्थियों को केवल एक ही मौका मिलेगा। अगर अभ्यर्थी दिए गए समय के अनुसार काउंसिलिंग के लिए नहीं पहुंचे तो दुबारा मौका नहीं मिलेगा। जिले में काउंसिलिंग का दौर विशिष्ट श्रेणी के अभ्यर्थियों से शुरू होगा। 72825 पदों के लिए प्रदेश भर में हुए 69 लाख आवेदन हुए हैं। सहारनपुर में सामान्य वर्ग का कट ऑफ 96.42 है। सिद्धार्थनगर में भूतपूर्व सैनिक वर्ग के तहत आवेदन करने वाले सभी अभ्यर्थियों को काउंसिलिंग के लिए बुलाया गया है। प्रतापगढ़ में अन्य पिछड़ा वर्ग का कट ऑफ सामान्य वर्ग के कट ऑफ से ज्यादा है। यहां 417 पदों के लिए सामान्य वर्ग के लिए गुणांक कट 72.18 और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 72.60 कट ऑफ घोषित किया गया है। प्रदेश में सर्वाधिक रिक्तियां सीतापुर और लखीमपुर खीरी में घोषित की गई थीं। सीतापुर में 6400 पदों के लिए गुणांक मेरिट 69.66 घोषित की गई है। इस तरह के जिलों में पहले दौर की काउंसिलिंग के पूरा होने में दो हफ्ते से ज्यादा लग सकते हैं। ऐसे में दूसरे दौर की काउंसिलिंग फरवरी के अंतिम सप्ताह तक होने की संभावना जताई जा रही है। मेरिट सूची जारी करने में इलाहाबाद फिसड्डी जहां प्रदेश के ज्यादातर जिलों की मेरिट सूची बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा जारी की जा चुकी है, बीएसए कार्यालय व डायट पर सूची को चस्पा भी किया जा चुका है वहीं इलाहाबाद में बुधवार देर शाम तक केवल कट ऑफ ही जारी किया जा सका था। मेरिट सूची देखने के लिए अभ्यर्थी दिन भर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के चक्कर लगाते रहे। इलाहाबाद में एक हजार पदों के सापेक्ष प्रदेश भर से सवा लाख से ज्यादा आवेदन आए हैं। लगभग 13 सौ आवेदन रद किए गए हैं। गुणांक के खेल में चित हुए अभ्यर्थी प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती के लिए जिलेवार कट ऑफ और मेरिट लिस्ट जारी होने का सिलसिला मंगलवार से शुरू हो चुका है। यूपी बोर्ड के अभ्यर्थियों को सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड के अभ्यर्थियों की तुलना में कम गुणांक हासिल हुआ है। बीएससी और बीटेक करने वाले अभ्यर्थियों के प्रतिशत अंक बीए की तुलना में ज्यादा हैं, ऐसे में बीए वाले अभ्यर्थी नुकसान में रहे हैं।
एक बार चूके तो नहीं मिलेगा मौका जागरण संवाददाता, इलाहाबाद : प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती के लिए अभ्यर्थियों को केवल एक ही मौका मिलेगा। अगर अभ्यर्थी दिए गए समय के अनुसार काउंसिलिंग के लिए नहीं पहुंचे तो दुबारा मौका नहीं मिलेगा। जिले में काउंसिलिंग का दौर विशिष्ट श्रेणी के अभ्यर्थियों से शुरू होगा। 72825 पदों के लिए प्रदेश भर में हुए 69 लाख आवेदन हुए हैं। सहारनपुर में सामान्य वर्ग का कट ऑफ 96.42 है। सिद्धार्थनगर में भूतपूर्व सैनिक वर्ग के तहत आवेदन करने वाले सभी अभ्यर्थियों को काउंसिलिंग के लिए बुलाया गया है। प्रतापगढ़ में अन्य पिछड़ा वर्ग का कट ऑफ सामान्य वर्ग के कट ऑफ से ज्यादा है। यहां 417 पदों के लिए सामान्य वर्ग के लिए गुणांक कट 72.18 और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 72.60 कट ऑफ घोषित किया गया है। प्रदेश में सर्वाधिक रिक्तियां सीतापुर और लखीमपुर खीरी में घोषित की गई थीं। सीतापुर में 6400 पदों के लिए गुणांक मेरिट 69.66 घोषित की गई है। इस तरह के जिलों में पहले दौर की काउंसिलिंग के पूरा होने में दो हफ्ते से ज्यादा लग सकते हैं। ऐसे में दूसरे दौर की काउंसिलिंग फरवरी के अंतिम सप्ताह तक होने की संभावना जताई जा रही है। मेरिट सूची जारी करने में इलाहाबाद फिसड्डी जहां प्रदेश के ज्यादातर जिलों की मेरिट सूची बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा जारी की जा चुकी है, बीएसए कार्यालय व डायट पर सूची को चस्पा भी किया जा चुका है वहीं इलाहाबाद में बुधवार देर शाम तक केवल कट ऑफ ही जारी किया जा सका था। मेरिट सूची देखने के लिए अभ्यर्थी दिन भर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के चक्कर लगाते रहे। इलाहाबाद में एक हजार पदों के सापेक्ष प्रदेश भर से सवा लाख से ज्यादा आवेदन आए हैं। लगभग 13 सौ आवेदन रद किए गए हैं। गुणांक के खेल में चित हुए अभ्यर्थी प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती के लिए जिलेवार कट ऑफ और मेरिट लिस्ट जारी होने का सिलसिला मंगलवार से शुरू हो चुका है। यूपी बोर्ड के अभ्यर्थियों को सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड के अभ्यर्थियों की तुलना में कम गुणांक हासिल हुआ है। बीएससी और बीटेक करने वाले अभ्यर्थियों के प्रतिशत अंक बीए की तुलना में ज्यादा हैं, ऐसे में बीए वाले अभ्यर्थी नुकसान में रहे हैं।
एबीसीडी’ भी कराएंगे काउंसिलिंग!
एबीसीडी’ भी कराएंगे काउंसिलिंग!
लखनऊ : नाम, एबीसीडी। पिता का नाम, एक्सवाईजेड। योग्यता की तो बात ही मत कीजिए साहब। हाईस्कूल से लेकर टीईटी तक सभी परीक्षाओं में इन्होंने अपनी मेधा के झंडे गाड़े हैं। यह सज्जन सोमवार को होने वाली बेसिक प्रशिक्षु शिक्षकों की काउंसिलिंग में हिस्सा लेंगे! अरे भाई, यह अकेले नहीं हैं। इनके साथ फर्जी सिंह के पुत्र फर्जी का भी इंतजार शिक्षा अधिकारी करेंगे। ऐसे ही कई फर्जी आवेदकों ने गलत नाम और झूठे अंकों के साथ राजधानी में शिक्षक भर्ती के लिए आवेदन किया है। यहां बुधवार को जारी सूची में कई लोगों के नाम और अंक काल्पनिक लगते हैं। मसलन, पहला ही नाम अजीत सिंह का है। उन्होंने अपने पिता का नाम शिव प्रसाद लिखा है। यहां तक तो हो सकता है कि उनपर विश्वास किया जाए, लेकिन उनके हाईस्कूल से लेकर ऊपर की कक्षाओं के अंक इतने काल्पनिक हैं कि क्या कहा जाए। उन्होंने फॉर्म में भरा है कि कक्षा दस में 600 में से 600 अंक हैं। इंटरमीडिएट में भी पूरे पांच सौ नंबर पाए हैं। स्नातक किया तो उसमें भी पूर्णाक और प्राप्तांक बराबर। बीएड में शायद उन्हें लगा कि कुछ ज्यादा हो रहा है तो 95 फीसद ही अंक भरे और टीईटी में भी साहब 150 से ऊपर ठहरते हैं। अब ऐसे तमाम नामों के सूची में होने से असल मुसीबत उन पात्रों को ङोलनी होगी जो पहली कटऑफ में ही काउंसिलिंग की उम्मीद लगाए थे। कारण इनका नाम तो मेरिट लिस्ट में है और इनकी वजह से उस पात्र का नाम लिस्ट से बाहर हो गया, जो योग्य भी है और राजधानी में प्रवेश लेने के इच्छुक भी। जिन 36 अभ्यर्थियों को पहली काउंसिलिंग में बुलाया गया है, उनमें पांच नाम ऐसे ही फर्जी लोगों के हैं।
लखनऊ : नाम, एबीसीडी। पिता का नाम, एक्सवाईजेड। योग्यता की तो बात ही मत कीजिए साहब। हाईस्कूल से लेकर टीईटी तक सभी परीक्षाओं में इन्होंने अपनी मेधा के झंडे गाड़े हैं। यह सज्जन सोमवार को होने वाली बेसिक प्रशिक्षु शिक्षकों की काउंसिलिंग में हिस्सा लेंगे! अरे भाई, यह अकेले नहीं हैं। इनके साथ फर्जी सिंह के पुत्र फर्जी का भी इंतजार शिक्षा अधिकारी करेंगे। ऐसे ही कई फर्जी आवेदकों ने गलत नाम और झूठे अंकों के साथ राजधानी में शिक्षक भर्ती के लिए आवेदन किया है। यहां बुधवार को जारी सूची में कई लोगों के नाम और अंक काल्पनिक लगते हैं। मसलन, पहला ही नाम अजीत सिंह का है। उन्होंने अपने पिता का नाम शिव प्रसाद लिखा है। यहां तक तो हो सकता है कि उनपर विश्वास किया जाए, लेकिन उनके हाईस्कूल से लेकर ऊपर की कक्षाओं के अंक इतने काल्पनिक हैं कि क्या कहा जाए। उन्होंने फॉर्म में भरा है कि कक्षा दस में 600 में से 600 अंक हैं। इंटरमीडिएट में भी पूरे पांच सौ नंबर पाए हैं। स्नातक किया तो उसमें भी पूर्णाक और प्राप्तांक बराबर। बीएड में शायद उन्हें लगा कि कुछ ज्यादा हो रहा है तो 95 फीसद ही अंक भरे और टीईटी में भी साहब 150 से ऊपर ठहरते हैं। अब ऐसे तमाम नामों के सूची में होने से असल मुसीबत उन पात्रों को ङोलनी होगी जो पहली कटऑफ में ही काउंसिलिंग की उम्मीद लगाए थे। कारण इनका नाम तो मेरिट लिस्ट में है और इनकी वजह से उस पात्र का नाम लिस्ट से बाहर हो गया, जो योग्य भी है और राजधानी में प्रवेश लेने के इच्छुक भी। जिन 36 अभ्यर्थियों को पहली काउंसिलिंग में बुलाया गया है, उनमें पांच नाम ऐसे ही फर्जी लोगों के हैं।
फर्जी अभ्यर्थियों की भरमार लखनऊ में शिक्षक भर्ती मेरिट ने छुआ 85 प्रतिशत का आंकड़ा लखनऊ में शिक्षक भर्ती मेरिट ने छुआ 85 प्रतिशत का आंकड़ाडेली न्यूज नेटवर्क लखनऊ। राजधानी में असल अभ्यर्थियों के साथ ही फर्जी अभ्यर्थी मेरिट बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। शिक्षक भर्ती के लिए जारी मेरिट सूची में बहुत से फर्जी अभ्यर्थियों ने आवेदन कर रखा है। बुधवार को जारी हुई मेरिट सूची में फर्जी अभ्यर्थियों का खुलासा हुआ। जबकि पहले स्थान पर रहने वाले अभ्यर्थी की रैंक 85.58 तक पहुंची। पहले 36 अभ्यर्थियों को काउंसिलिंग के लिए चार फरवरी को डायट पर बुलाया गया है। राजधानी के 12 पदों के लिए जैसी उम्मीद थी मारामारी मची हुई है। 12 पदों के लिए कुल 10,142 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। इन अभ्यर्थियों में काफी फर्जी अभ्यर्थियों ने आवेदन किया हुआ है। मसलन एक अभ्यर्थी अपना नाम एबीसीडीईएफजीएच दिया हुआ है जबकि पिता के नाम के सामने एक्सवाईजेड दिया हुआ है। इसी तरह एक अभ्यर्थी ने हाईस्कूल से लेकर बीएड सभी विषयों में शत प्रतिशत अंक हासिल करने का दावा किया हुआ है। जैसी की उम्मीद की जा रही थी राजधानी की मेरिट 80 प्रतिशत से ऊपर है। 85.58 प्रतिशत मेरिट वाले अभ्यर्थी से लेकर बाद वाले 36 अभ्यर्थियों को आगामी चार फरवरी को काउंसिलिंग के लिए सुबह 10 बजे डायट प्रशिक्षण केंद्र पर बुलाया गया
सहायक अध्यापक के लिए टीईटी अनिवार्य : हाईकोर्ट
सहायक अध्यापक के लिए टीईटी अनिवार्य : हाईकोर्ट Updated on: Wed, 30 Jan 2013 07:45 PM (IST) - विशेष स्थिति में ही नियुक्त होंगे बीएड धारक जागरण ब्यूरो, इलाहाबाद : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में सहायक अध्यापक नियुक्ति के लिए टीईटी पास होना जरूरी है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के अंतर्गत सहायक अध्यापक नियुक्ति की टीईटी अनिवार्य अर्हता है तथा बिना टीईटी पास किए किसी भी व्यक्ति को सहायक अध्यापक के पद पर चयनित या नियुक्त नहीं किया जा सकता। बीए या बीएससी के साथ बीएड विशेष परिस्थिति में ही नियुक्त किए जा सकते हैं। ऐसी नियुक्ति पर बाद में 6 माह का प्रशिक्षण लेना जरूरी होगा। कोर्ट ने प्रभाशंकर सिंह केस में खंडपीठ के फैसले की व्याख्या करते हुए कहा है कि प्रशिक्षु अध्यापक या अध्यापक नियुक्ति मामले में कोर्ट की टिप्पणी है जिसे निर्णय नहीं माना जा सकता। न्यायालय ने टीईटी पास बीएड अभ्यर्थियों जिन्होंने निरस्त हो चुके 30 नवंबर 2011 के विज्ञापन के तहत आवेदन दिया था, उन्हें भी 31 जनवरी तक आवेदन देने की छूट दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति अरुण टंडन ने संजय कुमार व अन्य की याचिका को खारिज करते हुए दिया है। याचिका में पांच दिसंबर के शासनादेश के तहत सहारनपुर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के सात दिसंबर के विज्ञापन की वैधता को चुनौती देते हुए रद किए जाने तथा आरक्षण लागू करने से रोकने की मांग की गई थी। कोर्ट ने कहा कि 30 नवंबर 2011 की भर्ती सरकार ने निरस्त कर नियम संशोधित कर नए सिरे से सात दिसंबर को विज्ञापन जारी किया है। जिसके तहत परिषदीय विद्यालयों में सहायक अध्यापकों की नियुक्ति की जानी है।
शिक्षक भर्ती में टीईटी वालों को पहले मौकाः कोर्ट
शिक्षक भर्ती में टीईटी वालों को पहले मौकाः कोर्ट •अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद। प्रदेश में 72825 सहायक अध्यापकों की भर्ती के मामले में स्थिति को स्पष्ट करते हुए एकल न्यायपीठ ने कहा कि सहायक अध्यापक भर्ती के लिए टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य है। यह अनिवार्य अर्हता है। बिना टीईटी उत्तीर्ण किए बीएड डिग्री धारकों का चयन मात्र आपात परिस्थिति में तभी किया जा सकता है जबकि टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थी उपलब्ध न हों और शिक्षकों के पद भरने आवश्यक हों। ऐसी स्थिति में ही बिना टीईटी उत्तीर्ण बीएड डिग्री धारकों पर विचार किया जा सकता है। 16 जनवरी 2012 को प्रभाकर सिंह केस में न्यायमूर्ति अशोक भूषण की अध्यक्षता वाली खंडपीठ द्वारा दिए आदेश की व्याख्या करते हुए एकल पीठ ने कहा है बीएड डिग्री धारकों के संबंध में खंडपीठ की टिप्पणी को आदेश नहीं माना जाना चाहिए। बीएड उत्तीर्ण अभ्यर्थी संजय कुमार सहित 42 याचियों की याचिका को खारिज करते हुए यह आदेश न्यायमूर्ति अरुण टंडन ने दिया है। उल्लेखनीय है कि 16 जनवरी 2013 के आदेश में खंडपीठ ने बिना टीईटी उत्तीर्ण बीएड अभ्यर्थियों को भी सहायक अध्यापक भर्ती की आवेदन प्रक्रिया में शामिल करने का निर्देश दिया है। खंडपीठ का यह आदेश एकल न्यायाधीश के 11 नवंबर 2011 के आदेश के खिलाफ दाखिल विशेष अपील पर आया है। विशेष अपील में एनसीटीई द्वारा 23 अगस्त 2010 को जारी अधिसूचना पर विचार किया गया। इस अधिसूचना में एनसीटीई ने परिषदीय विद्यालयों में कक्षा एक से पांच तक तथा कक्षा छह से आठ तक अध्यापकों की भर्ती के लिए न्यूनतम योग्यता निर्धारित की है। इसके मुताबिक परिषदीय विद्यालयों में अध्यापक की नियुक्ति हेतु विभिन्न अध्यापक शिक्षा पाठ्यक्रमोें के साथ ही टीईटी उत्तीर्ण करना आवश्यक है। अधिसूचना के सब क्लाज तीन में एनसीटीई ने कहा है कि बिना टीईटी उत्तीर्ण बीएड डिग्री धारक कक्षा एक से पांच तक के विद्यालय में अध्यापन के लिए अर्ह होंगे बशर्ते उनको नियुक्ति के पश्चात् छह माह का विशेष प्रशिक्षण कराया जाए। इन अभ्यर्थियों की नियुक्ति एक जनवरी 2012 तक की जा सकेगी। 16 जनवरी के आदेश में खंडपीठ ने भी इस बात को स्पष्ट किया है। खंडपीठ ने कहा है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने 20 जुलाई 2012 को केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजकर कहा था कि एनसीटीई द्वारा निर्धारित न्यूनतम योग्यता के अनुसार पर्याप्त संख्या में अभ्यर्थी नहीं मिल पा रहे हैं। इसलिए सब क्लाज तीन के अनुसार बीएड डिग्री धारकोें की भर्ती के लिए समय सीमा को एक जनवरी 2012 से आगे बढ़ा दी जाए। केंद्र सरकार ने इस स्वीकार करते हुए समय सीमा 31 मार्च 2014 तक इस शर्त के साथ बढ़ा दी कि सहायक अध्यापक भर्ती में प्राथमिकता टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को दी जाएगी। इसके बाद सब क्लाज तीन के अनुसार बीएड डिग्र्री धारकों के संबंध में विचार किया जा सकता है।
Friday, January 25, 2013
टीईटी प्रमाणपत्रों की जांच के बिना ही जारी हो गयी मेरिट.........
टीईटी प्रमाणपत्रों की जांच के बिना ही जारी हो गयी मेरिट.........
टीईटी पास बीएड शिक्षकों की भर्ती में आन लाइन आवेदन और हाईटेक साफ्टवेयर की डींगें मार रहे बेसिक शिक्षा विभाग की पोल जारी मेरिट सूची ने खोल कर रख दी है। भर्ती के दौरान प्राप्त आनलाइन आवेदनों में अभ्यर्थियों द्वारा भरी गयी अपनी विभिन्न शैक्षिक योग्यताओं का सत्यापन तो दूर बेसिक शिक्षा विभाग ने अभ्यर्थियों की फाइनल मेरिट जारी करने से पूर्व अभ्यर्थियों के टीईटी प्रमाणपत्रों तक का सत्यापन नहीं किया है। जेएनआई द्वारा किये गये शोध के दौरान इस बात के स्पष्ट प्रमाण सामने आये हैं कि अनेक ऐसे अभ्यर्थियों का भी मेरिट लिस्ट में नाम है जिन्होंने अपने टीईटी प्रमाणपत्र का अनुक्रमांक/प्राप्तांक गलत भरे थे। जाहिर है एक बार फिर फर्जी शिक्षकों की भर्ती का रास्ता साफ है। विगत आठ वर्षों के दौरान हुई विशिष्ट बीटीसी शिक्षकों की भर्ती में फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर नौकरी पा गये लगभग एक सैकड़ा शिक्षकों में से अभी तक बमुश्किल एक दर्जन को ही निकाला जा सका है। शेष अभी भी बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से न केवल सरकारी खजाने पर लगातार डाका डाल रहे हैं, भावी पीढ़ी के भविष्य को चौपट कर रहे हैं। इन 72 हजार अध्यापकों की नई लॉट में गड़बड़ी की संभावनाओं को देखते हुए लगता है एक बार फिर बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों की काली कमाई का एक और दरबाजा खुल गया है।
प्रदेश में 72 हजार शिक्षकों की भर्ती के लिए बीते 7 दिसम्बर को विज्ञापन जारी कर अभ्यर्थियों से आन लाइन आवेदन मांगे गये थे। आन लाइन आवेदन के दौरान अभ्यर्थियों को अपने समस्त शैक्षिक प्रमाणपत्रों के अनुक्रमांक व क्रमांक सहित समस्त डाटा फीड करवाया गया। वहीं अभ्यर्थियों द्वारा टीईटी पात्रता की जांच के लिए उनके अनुक्रमांक व प्राप्तांक भी मांगे गये थे। शिक्षक बनने की इस लाइन में कई फर्जी प्रमाणपत्रों वाले अभ्यर्थी भी लग गये और उन्होंने भी अन्य अभ्यर्थियों की तरह ही बेसिक शिक्षा विभाग की बेबसाइट पर अपने फार्म अपलोड कर दिये।
विभाग द्वारा ऐसे फर्जी आवेदनों की कोई भी जांच न करके 22 जनवरी को मैरिट लिस्ट आउट कर दी। जिससे कई ऐसे अभ्यर्थी भी मेरिट लिस्ट में शामिल हो गये जिन्होंने शैक्षिक प्रमाणपत्रों का तो डाटा गलत भरा ही था उसके साथ ही उनका टीईटी से सम्बंधित भी रिकार्ड गलत था। जिससे साफ होता है कि बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा न तो शैक्षिक रिकार्ड का ही कोई सत्यापन किया गया और न ही टीईटी पात्रता परीक्षा पास होने की ही कोई जांच की गयी। विभाग ने अभ्यर्थियों द्वारा भरे गये रिकार्ड को जैसी का तैसी मैरिट बनाकर जारी कर दी। जिससे कई ऐसे अभ्यर्थी भी शामिल हो गये जिन्होंने टीईटी पात्रता परीक्षा पास नहीं कर पायी या उनका टीईटी प्रमाणपत्र अनुक्रमांक ही गलत था। टीईटी के अतिरिक्त हाईस्कूल व इंटमीडियेट का डाटा आनलाइन मौजूद होने के बावजूद सत्यापन की व्यवस्था नहीं की गयी।
विभाग द्वारा किसी भी शैक्षिक अथवा टीईटी पात्रता परीक्षा पास होने की जांच न करने से एक बार फिर बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों की चांदी होने वाली है। बीते 2004 में की गयी विशिष्ट बीटीसी के शिक्षकों की भर्ती में सैकड़ों शिक्षक जनपद में ही फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर तैनात हैं जिन पर आठ वर्ष गुजर जाने के बावजूद अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की जा सकी है। अब बेसिक शिक्षा विभाग के लिए प्रदेश में 72 हजार शिक्षकों की भर्ती के बाद दोबारा काली कमाई का जरिया तैयार होता दिखायी दे रहा है।
टीईटी पास बीएड शिक्षकों की भर्ती में आन लाइन आवेदन और हाईटेक साफ्टवेयर की डींगें मार रहे बेसिक शिक्षा विभाग की पोल जारी मेरिट सूची ने खोल कर रख दी है। भर्ती के दौरान प्राप्त आनलाइन आवेदनों में अभ्यर्थियों द्वारा भरी गयी अपनी विभिन्न शैक्षिक योग्यताओं का सत्यापन तो दूर बेसिक शिक्षा विभाग ने अभ्यर्थियों की फाइनल मेरिट जारी करने से पूर्व अभ्यर्थियों के टीईटी प्रमाणपत्रों तक का सत्यापन नहीं किया है। जेएनआई द्वारा किये गये शोध के दौरान इस बात के स्पष्ट प्रमाण सामने आये हैं कि अनेक ऐसे अभ्यर्थियों का भी मेरिट लिस्ट में नाम है जिन्होंने अपने टीईटी प्रमाणपत्र का अनुक्रमांक/प्राप्तांक गलत भरे थे। जाहिर है एक बार फिर फर्जी शिक्षकों की भर्ती का रास्ता साफ है। विगत आठ वर्षों के दौरान हुई विशिष्ट बीटीसी शिक्षकों की भर्ती में फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर नौकरी पा गये लगभग एक सैकड़ा शिक्षकों में से अभी तक बमुश्किल एक दर्जन को ही निकाला जा सका है। शेष अभी भी बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से न केवल सरकारी खजाने पर लगातार डाका डाल रहे हैं, भावी पीढ़ी के भविष्य को चौपट कर रहे हैं। इन 72 हजार अध्यापकों की नई लॉट में गड़बड़ी की संभावनाओं को देखते हुए लगता है एक बार फिर बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों की काली कमाई का एक और दरबाजा खुल गया है।
प्रदेश में 72 हजार शिक्षकों की भर्ती के लिए बीते 7 दिसम्बर को विज्ञापन जारी कर अभ्यर्थियों से आन लाइन आवेदन मांगे गये थे। आन लाइन आवेदन के दौरान अभ्यर्थियों को अपने समस्त शैक्षिक प्रमाणपत्रों के अनुक्रमांक व क्रमांक सहित समस्त डाटा फीड करवाया गया। वहीं अभ्यर्थियों द्वारा टीईटी पात्रता की जांच के लिए उनके अनुक्रमांक व प्राप्तांक भी मांगे गये थे। शिक्षक बनने की इस लाइन में कई फर्जी प्रमाणपत्रों वाले अभ्यर्थी भी लग गये और उन्होंने भी अन्य अभ्यर्थियों की तरह ही बेसिक शिक्षा विभाग की बेबसाइट पर अपने फार्म अपलोड कर दिये।
विभाग द्वारा ऐसे फर्जी आवेदनों की कोई भी जांच न करके 22 जनवरी को मैरिट लिस्ट आउट कर दी। जिससे कई ऐसे अभ्यर्थी भी मेरिट लिस्ट में शामिल हो गये जिन्होंने शैक्षिक प्रमाणपत्रों का तो डाटा गलत भरा ही था उसके साथ ही उनका टीईटी से सम्बंधित भी रिकार्ड गलत था। जिससे साफ होता है कि बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा न तो शैक्षिक रिकार्ड का ही कोई सत्यापन किया गया और न ही टीईटी पात्रता परीक्षा पास होने की ही कोई जांच की गयी। विभाग ने अभ्यर्थियों द्वारा भरे गये रिकार्ड को जैसी का तैसी मैरिट बनाकर जारी कर दी। जिससे कई ऐसे अभ्यर्थी भी शामिल हो गये जिन्होंने टीईटी पात्रता परीक्षा पास नहीं कर पायी या उनका टीईटी प्रमाणपत्र अनुक्रमांक ही गलत था। टीईटी के अतिरिक्त हाईस्कूल व इंटमीडियेट का डाटा आनलाइन मौजूद होने के बावजूद सत्यापन की व्यवस्था नहीं की गयी।
विभाग द्वारा किसी भी शैक्षिक अथवा टीईटी पात्रता परीक्षा पास होने की जांच न करने से एक बार फिर बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों की चांदी होने वाली है। बीते 2004 में की गयी विशिष्ट बीटीसी के शिक्षकों की भर्ती में सैकड़ों शिक्षक जनपद में ही फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर तैनात हैं जिन पर आठ वर्ष गुजर जाने के बावजूद अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की जा सकी है। अब बेसिक शिक्षा विभाग के लिए प्रदेश में 72 हजार शिक्षकों की भर्ती के बाद दोबारा काली कमाई का जरिया तैयार होता दिखायी दे रहा है।
प्रशिक्षु शिक्षकों के मामले में सुनवाई 28 को इलाहाबाद (ब्यूरो)।
प्रदेश में प्रशिक्षु अध्यापकों की भर्ती में आयुसीमा पार कर चुके लोगों को भी शामिल किए जाने संबंधी आदेश का अनुपालन करने के मामले में अब 28 जनवरी को सुनवाई होगी। कोर्ट ने नौ जनवरी को आदेश दिया था कि भर्ती प्रक्रिया में उन लोगों को भी शामिल किया जाए जो पिछले विज्ञापन के समय अर्ह थे, परंतु इस बार आयु अधिक या कम हो जाने के कारण आवेदन नहीं कर पा रहे हैं। इस आदेश के बावजूद बेसिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट नहीं खुली और अभ्यर्थी आवेदन नहीं कर सके। न्यायमूर्ति अरुण टंडन ने राज्य सरकार से बृहस्पतिवार को इस पर अपना पक्ष रखने को कहा था। स्थायी अधिवक्ता ने सुनवाई के समय जवाब दाखिल करने के लिए और समय की मांग की।
प्रदेश में प्रशिक्षु अध्यापकों की भर्ती में आयुसीमा पार कर चुके लोगों को भी शामिल किए जाने संबंधी आदेश का अनुपालन करने के मामले में अब 28 जनवरी को सुनवाई होगी। कोर्ट ने नौ जनवरी को आदेश दिया था कि भर्ती प्रक्रिया में उन लोगों को भी शामिल किया जाए जो पिछले विज्ञापन के समय अर्ह थे, परंतु इस बार आयु अधिक या कम हो जाने के कारण आवेदन नहीं कर पा रहे हैं। इस आदेश के बावजूद बेसिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट नहीं खुली और अभ्यर्थी आवेदन नहीं कर सके। न्यायमूर्ति अरुण टंडन ने राज्य सरकार से बृहस्पतिवार को इस पर अपना पक्ष रखने को कहा था। स्थायी अधिवक्ता ने सुनवाई के समय जवाब दाखिल करने के लिए और समय की मांग की।
शिक्षक भर्ती में कटऑफ भेजने की प्रक्रिया आज से लखनऊ (ब्यूरो)।
प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती के लिए जिलों में कटऑफ भेजने की प्रक्रिया शुक्रवार से शुरू करने की तैयारी है। बेसिक शिक्षा अधिकारी इसके आधार पर विज्ञापन प्रकाशित करते हुए मेरिट में आने वालों को काउंसलिंग के लिए बुलाएंगे। बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव संजय सिन्हा ने गुरुवार को काउंसलिंग के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश भेज दिया है। इसके अलावा टीईटी में 55 फीसदी अंक पाने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रितों को पात्र मानते हुए उनकी सूची भी जारी कर दी गई है। प्रदेश में 72 हजार 825 प्रशिक्षु शिक्षकों की होने वाली भर्ती के लिए रैंक जारी की जा चुकी है। बेसिक शिक्षा परिषद ने गुणांक के आधार पर कटऑफ तय कर लिया है। इसे जिलों में भेजने की प्रक्रिया शुक्रवार से शुरू करने की योजना है। जिलों में बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में इसे कब चस्पा किया जाएगा, इस पर फैसला अभी नहीं किया जा सका है। जिलों में कटऑफ भेजे जाने के बाद काउंसलिंग का कार्यक्रम तय किया जाएगा। विभागीय जानकारों की मानें तो कम से कम तीन बार काउंसलिंग की जाएगी। पहली काउंसलिंग से रिक्त बचने वाले पदों के लिए दूसरी और तीसरी काउंसलिंग की जाएगी। बेसिक शिक्षा परिषद ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि काउंसलिंग में शामिल होने मात्र से नियुक्ति के लिए दावा नहीं किया जा सकेगा। काउंसलिंग में जाने के लिए कोई यात्रा भत्ता भी नहीं दिया जाएगा।
प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती के लिए जिलों में कटऑफ भेजने की प्रक्रिया शुक्रवार से शुरू करने की तैयारी है। बेसिक शिक्षा अधिकारी इसके आधार पर विज्ञापन प्रकाशित करते हुए मेरिट में आने वालों को काउंसलिंग के लिए बुलाएंगे। बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव संजय सिन्हा ने गुरुवार को काउंसलिंग के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश भेज दिया है। इसके अलावा टीईटी में 55 फीसदी अंक पाने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रितों को पात्र मानते हुए उनकी सूची भी जारी कर दी गई है। प्रदेश में 72 हजार 825 प्रशिक्षु शिक्षकों की होने वाली भर्ती के लिए रैंक जारी की जा चुकी है। बेसिक शिक्षा परिषद ने गुणांक के आधार पर कटऑफ तय कर लिया है। इसे जिलों में भेजने की प्रक्रिया शुक्रवार से शुरू करने की योजना है। जिलों में बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में इसे कब चस्पा किया जाएगा, इस पर फैसला अभी नहीं किया जा सका है। जिलों में कटऑफ भेजे जाने के बाद काउंसलिंग का कार्यक्रम तय किया जाएगा। विभागीय जानकारों की मानें तो कम से कम तीन बार काउंसलिंग की जाएगी। पहली काउंसलिंग से रिक्त बचने वाले पदों के लिए दूसरी और तीसरी काउंसलिंग की जाएगी। बेसिक शिक्षा परिषद ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि काउंसलिंग में शामिल होने मात्र से नियुक्ति के लिए दावा नहीं किया जा सकेगा। काउंसलिंग में जाने के लिए कोई यात्रा भत्ता भी नहीं दिया जाएगा।
काउंसिलिंग समय से शुरू होने पर संशय अनदेखी : कठिन है डगर शिक्षक भर्ती की जासं, लखनऊ : प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती टीईटी की राह आसान नजर नहीं आ रही है। काउंसिलिंग 29 जनवरी से कराने की घोषणा कर दी गई है लेकिन अब तक इस बाबत कोई दिशा निर्देश जारी नहीं किए गए हैं। पांच दिन पहले कटऑफ जारी करने की बात थी वह भी पूरी नहीं हो सकी। शुक्रवार, शनिवार और रविवार को सार्वजनिक अवकाश है। ऐसे में काउंसिलिंग समय पर शुरू हो सकेगी, यह संभावना कम ही नजर आ रही है। आवेदन में गड़बड़ियों से अभ्यर्थी हलकान हैं। हालांकि किसी भी सवाल का जवाब न ही बेसिक शिक्षा अधिकारी के पास है और ही सचिव बेसिक शिक्षा परिषद के पास। प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती के लिए काउंसिलिंग 29 जनवरी से शुरू होनी है। तीन दिन के अवकाश के बाद केवल एक दिन का ही समय शेष रहेगा। इसी एक दिन में काउंसिलिंग की तैयारियां पूरी करनी हैं। गुरुवार देर रात तक कोई भी दिशा-निर्देश सचिव बेसिक शिक्षा परिषद की संजय सिन्हा की ओर से जारी नहीं किए जा सके हैं। शिक्षा विभाग के अधिकारी भी अब एक दिन में काउंसिलिंग की तैयारियां पूरी करने में हाथ खड़े करने लगे हैं। गड़बड़ियों का निदान करने के लिए सभी डायट में एक प्रकोष्ठ बनाने का फरमान तो सरकार की तरफ से जारी कर दिया गया लेकिन ऐसा कोई आदेश संबंधित डायट को भेजा नहीं गया। परेशानहाल अभ्यर्थी डायट पहुंचते रहे और लेकिन कोई उनकी समस्या का समाधान नहीं कर सका। बेसिक शिक्षा अधिकारी सर्वदानन्द भी काउंसिलिंग या अभ्यर्थियों की समस्याओं पर कोई जवाब नहीं दे सके। वहीं दूसरी ओर काउंसिलिंग प्रक्रिया क्या अपनाई जाएगी यह भी अब तक तय नहीं किया जा सका है।सवाल कई हैं और जवाब देने वाला कोई नहीं। सचिव बेसिक शिक्षा परिषद संजय सिन्हा से इस बाबत कई बार बात करने का प्रयास किया गया लेकिन उनका फोन नहीं उठा। मोबाइल पर संदेश भेजा गया तो थोड़ी देर बाद फोन बंद हो गया।
Thursday, January 24, 2013
अभ्यर्थी पहले जिलों में रिक्त पदों की संख्या देखें, फिर जिलों की मेरिट सूची में अपना स्थान। जिस जिले में चयन की सर्वाधिक संभावना नजर आ रही हो, उसी जिले की चयन समिति के समक्ष अपनी दावेदारी पेश करें। यह सलाह बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव संजय सिन्हा की है। उन्होंने चयन को पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त रखने के लिए हर स्तर पर व्यापक प्रबंध करने का दावा किया। उनकी मानें तो बेसिक शिक्षा विभाग में प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती फिलहाल कानूनी दांव-पेंच से निकलकर अब अंतिम पड़ाव की ओर अग्रसर है। कहा कि जिलों में चयनित प्रशिक्षु शिक्षकों की पहली सूची 12 से 14 फरवरी के बीच जारी हो जाएगी।
बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा आयोजित प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती पिछले दो माह में तमाम उतार चढ़ाव से गुजरी है। यह आशंका बनी रही कि प्रक्रिया एक या दूसरे कारण से स्थगित हो जाएगी। कई वर्ष बाद नए नियम और नई प्रक्रिया के तहत आयोजित हुई इस भर्ती में 72 जिलों में 69 लाख आवेदन आए हैं।
उच्च न्यायालय व सर्वोच्च न्यायालय में चल रहे दर्जनों मुकदमों के बीच बेसिक शिक्षा परिषद ने मंगलवार को मेरिट सूची जारी कर दी।
इसमें प्रत्येक आवेदनकर्ता का पूरा विवरण परिषद की वेबसाइट पर उपलब्ध करा दिया गया है। परिषद के सचिव संजय सिन्हा ने बताया कि अभ्यर्थी अपना टीईटी का अनुक्रमांक व जन्म तिथि फीड कर मेरिट देख सकते हैं। संबंधित जानकारी फीड करते ही वेबसाइट पर अभ्यर्थी ने जितने जिलों में आवेदन किया होगा, उनमें से हर जिले की मेरिट सूची में वह किस क्रम पर है, यह जानकारी एक साथ उपलब्ध हो जाएगी। इसमें सामान्य मेरिट सूची में अभ्यर्थी का स्थान, वर्गवार आरक्षण के आधार पर बनी मेरिट सूची में स्थान, महिला व अन्य क्षैतिज आरक्षण के आधार पर बनी मेरिट सूची में स्थान आदि का पूरा विवरण दिया गया है। श्री सिन्हा के अनुसार इस सूची के साथ ही संबंधित जिले में रिक्त पदों की संख्या को ध्यान में रखते हुए अभ्यर्थी यह तय कर सकते हैं कि किस जिले में उनका चयन संभव हो सकता है। जिलों में बनी चयन समिति को अगले तीन से चार दिनों में उनके जिले से संबंधित मेरिट सूची उपलब्ध करा दी जाएगी। इस मेरिट सूची के आधार पर संबंधित बीएसए अपने रिक्त पदों के सापेक्ष साक्षात्कार व प्रमाणपत्रों के सत्यापन के लिए कटऑफ घोषित करेंगे। जिलों में बीएसए द्वारा जारी यह कटऑफ वेबसाइट पर उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके आधार पर अभ्यर्थी संबंधित संबंधित जिले में अपनी दावेदारी पेश कर सकते हैं। अभ्यर्थी को संबंधित जिले में अपने मूल प्रमाणपत्र जमा कराने होंगे। एक जिले में प्रमाणपत्र जमा होते ही अभ्यर्थी का अन्य जिलों की मेरिट सूची में स्थान स्वत: निरस्त हो जाएगा। श्री सिन्हा के अनुसार इस बार शैक्षिक योग्यता से लेकर सारा विवरण आनलाइन भरा गया है। यह कार्य खुद अभ्यर्थियों ने ही किया है। इस वजह से इसमें गड़बड़ी की कोई आशंका नहीं है। फिर भी अगर कोई गड़बड़ी मिलती है तो अभ्यर्थी संबंधित जिले की चयन समिति के समक्ष उसे दर्ज करा सकते हैं। पहले दौर की काउंसिलिंग समाप्त होने के बाद परिषद चयनितों के नाम हटाकर नई सूची जारी करेगा। इसके आधार पर दूसरे दौर की काउंसिलिंग शुरू होगी।
भरा गलत विवरण, अब मुसीबत
इलाहाबाद : प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती में तमाम अभ्यर्थियों को अपने अंक, जन्म तिथि, गुणांक आदि विवरण भी ठीक से भरना नहीं आया। मेरिट सूची जारी होने के बाद अभ्यर्थी अपने फार्म में सुधार के लिए मौका मांग रहे हैं। एक ही टीईटी रोल नंबर पर दो अभ्यर्थियों व कम गुणांक वालों की मेरिट ऊपर और ज्यादा गुणांक वालों की मेरिट नीचे होने जैसी शिकायतें भी सामने आ रही हैं। सचिव का कहना था कि मेरिट कम्प्यूटर द्वारा गुणांक के आधार पर तैयार की गई है। अभ्यर्थी द्वारा सही सूचना न देने से ऐसा हुआ है। सचिव ने साफ किया है कि जिन अभ्यर्थियों ने आवेदन करने के समय में गलत सूचना भर दी है उन्हें अब सुधार का मौका देना संभव नहीं है।
नियुक्ति पत्र मिलेगा ऑनलाइन
इलाहाबाद : बेसिक शिक्षा परिषद प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती में भ्रष्टाचार को दूर रखने की पुरजोर कवायद में जुटा है। इसके लिए तकनीकि का खुल कर सहारा लिया जा रहा है। परिषद के सचिव संजय सिन्हा के अनुसार चयन समिति द्वारा चयनितों की सूची जारी होते ही परिषद उन पदों को लॉक कर देगा। साथ ही चयनित अभ्यर्थियों के नियुक्ति पत्र वेबसाइट पर जारी हो जाएंगे। इसमें संबंधित जिलों के बीएसए के डिजिटल हस्ताक्षर मौजूद रहेंगे। इन नियुक्तिपत्रों का प्रिंट आउट निकाल कर बीएसए उसे सत्यापित कर जारी कर सकेंगे। इन नियुक्तिपत्रों में विद्यालय का नाम तक अंकित रहेगा।
बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा आयोजित प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती पिछले दो माह में तमाम उतार चढ़ाव से गुजरी है। यह आशंका बनी रही कि प्रक्रिया एक या दूसरे कारण से स्थगित हो जाएगी। कई वर्ष बाद नए नियम और नई प्रक्रिया के तहत आयोजित हुई इस भर्ती में 72 जिलों में 69 लाख आवेदन आए हैं।
उच्च न्यायालय व सर्वोच्च न्यायालय में चल रहे दर्जनों मुकदमों के बीच बेसिक शिक्षा परिषद ने मंगलवार को मेरिट सूची जारी कर दी।
इसमें प्रत्येक आवेदनकर्ता का पूरा विवरण परिषद की वेबसाइट पर उपलब्ध करा दिया गया है। परिषद के सचिव संजय सिन्हा ने बताया कि अभ्यर्थी अपना टीईटी का अनुक्रमांक व जन्म तिथि फीड कर मेरिट देख सकते हैं। संबंधित जानकारी फीड करते ही वेबसाइट पर अभ्यर्थी ने जितने जिलों में आवेदन किया होगा, उनमें से हर जिले की मेरिट सूची में वह किस क्रम पर है, यह जानकारी एक साथ उपलब्ध हो जाएगी। इसमें सामान्य मेरिट सूची में अभ्यर्थी का स्थान, वर्गवार आरक्षण के आधार पर बनी मेरिट सूची में स्थान, महिला व अन्य क्षैतिज आरक्षण के आधार पर बनी मेरिट सूची में स्थान आदि का पूरा विवरण दिया गया है। श्री सिन्हा के अनुसार इस सूची के साथ ही संबंधित जिले में रिक्त पदों की संख्या को ध्यान में रखते हुए अभ्यर्थी यह तय कर सकते हैं कि किस जिले में उनका चयन संभव हो सकता है। जिलों में बनी चयन समिति को अगले तीन से चार दिनों में उनके जिले से संबंधित मेरिट सूची उपलब्ध करा दी जाएगी। इस मेरिट सूची के आधार पर संबंधित बीएसए अपने रिक्त पदों के सापेक्ष साक्षात्कार व प्रमाणपत्रों के सत्यापन के लिए कटऑफ घोषित करेंगे। जिलों में बीएसए द्वारा जारी यह कटऑफ वेबसाइट पर उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके आधार पर अभ्यर्थी संबंधित संबंधित जिले में अपनी दावेदारी पेश कर सकते हैं। अभ्यर्थी को संबंधित जिले में अपने मूल प्रमाणपत्र जमा कराने होंगे। एक जिले में प्रमाणपत्र जमा होते ही अभ्यर्थी का अन्य जिलों की मेरिट सूची में स्थान स्वत: निरस्त हो जाएगा। श्री सिन्हा के अनुसार इस बार शैक्षिक योग्यता से लेकर सारा विवरण आनलाइन भरा गया है। यह कार्य खुद अभ्यर्थियों ने ही किया है। इस वजह से इसमें गड़बड़ी की कोई आशंका नहीं है। फिर भी अगर कोई गड़बड़ी मिलती है तो अभ्यर्थी संबंधित जिले की चयन समिति के समक्ष उसे दर्ज करा सकते हैं। पहले दौर की काउंसिलिंग समाप्त होने के बाद परिषद चयनितों के नाम हटाकर नई सूची जारी करेगा। इसके आधार पर दूसरे दौर की काउंसिलिंग शुरू होगी।
भरा गलत विवरण, अब मुसीबत
इलाहाबाद : प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती में तमाम अभ्यर्थियों को अपने अंक, जन्म तिथि, गुणांक आदि विवरण भी ठीक से भरना नहीं आया। मेरिट सूची जारी होने के बाद अभ्यर्थी अपने फार्म में सुधार के लिए मौका मांग रहे हैं। एक ही टीईटी रोल नंबर पर दो अभ्यर्थियों व कम गुणांक वालों की मेरिट ऊपर और ज्यादा गुणांक वालों की मेरिट नीचे होने जैसी शिकायतें भी सामने आ रही हैं। सचिव का कहना था कि मेरिट कम्प्यूटर द्वारा गुणांक के आधार पर तैयार की गई है। अभ्यर्थी द्वारा सही सूचना न देने से ऐसा हुआ है। सचिव ने साफ किया है कि जिन अभ्यर्थियों ने आवेदन करने के समय में गलत सूचना भर दी है उन्हें अब सुधार का मौका देना संभव नहीं है।
नियुक्ति पत्र मिलेगा ऑनलाइन
इलाहाबाद : बेसिक शिक्षा परिषद प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती में भ्रष्टाचार को दूर रखने की पुरजोर कवायद में जुटा है। इसके लिए तकनीकि का खुल कर सहारा लिया जा रहा है। परिषद के सचिव संजय सिन्हा के अनुसार चयन समिति द्वारा चयनितों की सूची जारी होते ही परिषद उन पदों को लॉक कर देगा। साथ ही चयनित अभ्यर्थियों के नियुक्ति पत्र वेबसाइट पर जारी हो जाएंगे। इसमें संबंधित जिलों के बीएसए के डिजिटल हस्ताक्षर मौजूद रहेंगे। इन नियुक्तिपत्रों का प्रिंट आउट निकाल कर बीएसए उसे सत्यापित कर जारी कर सकेंगे। इन नियुक्तिपत्रों में विद्यालय का नाम तक अंकित रहेगा।
UPTET : चिंतन में आवेदक : गलती, साजिश या 'जुगाड़'
UPTET : चिंतन में आवेदक : गलती, साजिश या 'जुगाड़'
प्राथमिक विद्यालयों में प्रशिक्षु शिक्षकों की नियुक्ति हेतु जारी की गई रैंकिंग सूची सवालों के घेरे में आ गई है। इसने आवेदकों को सोच में डाल दिया है जिससे गलती, जुगाड़ या साजिश जैसे प्रश्न उनके मन में उठने लगे है।
केस-1
एक महिला अभ्यर्थी ने विकलांग कोटे से फार्म भरे है। 75 जिलों में करीब डेढ़ सौ फार्म भरे गये है। एक ही जिले से कई-कई फार्म डाले गये है। संभव है कि इसमें कुछ गलती हो परंतु लगभग हर जिले में हालत यह है कि रैक एक सीरियल में न होकर अलग-अलग है और इसमें भी 6-10 हजार तक का अंतर है। अब सवाल है कि आखिर हर फार्म में गलती हो रही थी या यह जानबूझकर किया गया या फिर किसी विशेष प्रयास के चलते, यह किसी की समझ में नहीं आ रहा। इसमें विकलांग कोटे से कई जगह चयन हो रहा है तो कई जगह सामान्य रैकिंग से ही चयन संभावित है।
केस-2
एक अभ्यर्थी की बरेली, बदायूं, पीलीभीत, शाहजहांपुर में सामान्य रैक सवा-डेढ़ लाख से ऊपर है परंतु सोचनीय यह है कि उसको श्रावस्ती, सोनभद्र जैसे जनपदों में सामान्य सूची में ही पचासवीं रैकिंग मिल रही है। अब इस पर किसी को यकीन नहीं है, क्योंकि अगर उसका गुणांक ज्यादा है तब अन्य जनपदों में भी रैक अच्छी होती।
केस-3
एक अभ्यर्थी के अंक आवेदन में सही भरे हैं परंतु उसका इन्हीं अंकों के आधार पर एक जनपद में चयन होता दिख रहा है जबकि अन्य जनपदों में उसकी रैकिंग काफी कम आ रही है। यह भी सवालों के घेरे में आ रही है।
बेसिक शिक्षा परिषद ने जिस तरह रैक सूची जारी की है उसको लेकर अभ्यर्थी काफी परेशान थे परंतु इस तरह के तमाम मामलों ने इस सूची पर यकीन करना मुश्किल कर दिया है। यही वजह है कि तमाम आवेदक गड़बड़ी की आशंका जाहिर करने लगे है। उनका कहना है कि किसी आवेदक के एक-दो फार्मो में गलती हो सकती है परंतु इतनी भी नहीं कि उसकी रैकिंग कहीं आसमान पर हो और कहीं जमीन पर। खासकर एक ही जिले से कई फार्म डालने वाले आवेदकों के मामले में कुछ आवेदकों ने कहा कि संभव है कि इन लोगों ने किसी जुगाड़ लगाने के चलते ऐसा किया हो। वहीं कुछ ने कहा कि यह चयन प्रक्रिया रोकने के लिए साजिश भी हो सकती है।
जांच में हो जाएंगे रद्द
उरई : जिन आवेदकों ने गलती से या फिर जानबूझकर अपनी मेरिट ज्यादा दिखाने की कोशिश की, वे काउंसलिंग में बाहर हो सकते है क्योंकि तब मूल कागजात देखे जाएंगे। वैसे इसमें किसी तरह की धांधली होने की गुंजाइश नहीं है। यही वजह है कि उनके अरमानों पर पानी फिर सकता है
लखनऊ (ब्यूरो)।
बेसिक शिक्षा मंत्री रामगोविंद चौधरी ने शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में मामूली गलती पर आवेदन निरस्त होने वालों को राहत दी है। प्रदेश के सभी डायट पर शिकायत निस्तारण प्रकोष्ठ का गठन कर दिया गया है। इस प्रकोष्ठ के माध्यम से अभ्यर्थियों की कठिनाइयों का निस्तारण किया जाएगा और दावा सही होने पर उनके चयन पर विचार किया जाएगा।
बेसिक शिक्षा मंत्री ने कहा है कि मामूली गलती के चलते आवेदन निरस्त होने वाले अभ्यर्थी समस्त अभिलेखों के साथ अपना प्रत्यावेदन डायट पर बनाए गए शिकायत निस्तारण प्रकोष्ठ में दे सकते हैं। परीक्षण के बाद यदि दावा सही पाया जाता है तो उनके चयन पर विचार किया जाएगा। अभ्यर्थियों से कहा गया है कि अपने गुणांक को सही प्रकार से आंकने के बाद कटऑफ से ऊपर होने पर ही संबंधित जिले में अपना प्रत्यावेदन प्रस्तुत करें। फर्जी चयन कराने की जानकारी मिलने पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
उन्होंने कहा है कि शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में किसी प्रकार की गड़बड़ी नहीं होने दी जाएगी। पात्रों को शिक्षक बनने का पूरा मौका दिया जाएगा। इस संबंध में विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दे दिए गए हैं। चयन प्रक्रिया में गड़बड़ी या फिर किसी प्रकार की अनियमितता पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बेसिक शिक्षा मंत्री रामगोविंद चौधरी ने शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में मामूली गलती पर आवेदन निरस्त होने वालों को राहत दी है। प्रदेश के सभी डायट पर शिकायत निस्तारण प्रकोष्ठ का गठन कर दिया गया है। इस प्रकोष्ठ के माध्यम से अभ्यर्थियों की कठिनाइयों का निस्तारण किया जाएगा और दावा सही होने पर उनके चयन पर विचार किया जाएगा।
बेसिक शिक्षा मंत्री ने कहा है कि मामूली गलती के चलते आवेदन निरस्त होने वाले अभ्यर्थी समस्त अभिलेखों के साथ अपना प्रत्यावेदन डायट पर बनाए गए शिकायत निस्तारण प्रकोष्ठ में दे सकते हैं। परीक्षण के बाद यदि दावा सही पाया जाता है तो उनके चयन पर विचार किया जाएगा। अभ्यर्थियों से कहा गया है कि अपने गुणांक को सही प्रकार से आंकने के बाद कटऑफ से ऊपर होने पर ही संबंधित जिले में अपना प्रत्यावेदन प्रस्तुत करें। फर्जी चयन कराने की जानकारी मिलने पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
उन्होंने कहा है कि शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में किसी प्रकार की गड़बड़ी नहीं होने दी जाएगी। पात्रों को शिक्षक बनने का पूरा मौका दिया जाएगा। इस संबंध में विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दे दिए गए हैं। चयन प्रक्रिया में गड़बड़ी या फिर किसी प्रकार की अनियमितता पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जहां पहले नंबर आए, वहीं काउंसिलिंग बेहतर प्राथमिक शिक्षक भर्ती के आवेदक कटऑफ, रैंक एवं जिले में खाली सीटों की संख्या से मिलान के बाद करें काउंसिलिंग का फैसला इलाहाबाद (ब्यूरो)। प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की भर्ती के लिए रैंक जारी होने के बाद अभ्यर्थियों का भ्रम कम होने के बजाय और बढ़ गया है। अभ्यर्थियों ने कई जिलों से आवेदन किया है। रैंक जारी होने के बाद अब तय नहीं कर पा रहे हैं कि कहां काउंसिलिंग में शामिल हों। दूरदराज के कई जिलों में उनकी रैंक कम है लेकिन वहां जाना नहीं चाहते। अभ्यर्थियों की परेशानी है कि अगर दूसरे जिले में काउंसिलिंग में शामिल होकर मार्कशीट जमा कर दी तो अपने जिले में नंबर आने पर भी मौका नहीं मिलेगा और यदि अपने जिले के लोभ में दूसरे जिले की काउंसिलिंग में शामिल न हुए, फिर बाद में अपने जिले में भी नंबर न आया तो क्या होगा। इसके अलावा यह भी कि मेरिट में आने पर भी काउंसिलिंग में शामिल न हो सके तो क्या होगा। ऐसे और भी सवाल हैं अभ्यर्थियों के मन में। आशंका को दूर करने के लिए सचिव बेसिक शिक्षा परिषद संजय सिन्हा से बात करके उसे दूर करने की कोशिश की गई। सवाल- अभ्यर्थी को काउंसिलिंग में अपनी स्थिति स्पष्ट करने के लिए क्या करना चाहिए। जवाब-सबसे पहले अभ्यर्थी बेसिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट पर अपना टीईटी रोलनंबर और जन्मतिथि डालकर अपनी रैंक प्राप्त कर लें। इससे यह साफ हो जाएगा कि जिन जिन जिलों में उसने आवेदन किया है, वहां कुल आवेदनों के मुकाबले उसकी रैंक क्या है। इसके बाद जिले में खाली सीटों की संख्या के सापेक्ष अपनी रैंक के आधार पर अपनी पोजीशन चेक करें। सवाल- क्या अभ्यर्थी एक से अधिक जिले में काउंसिलिंग में हिस्सा ले सकता है। जवाब- नहीं, एक जिले में काउंसिलिंग में भाग लेने के बाद अभ्यर्थी को बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से जारी रैंक से बाहर कर दिया जाएगा। इसलिए अभ्यर्थी अपनी रैंक और जिले में खाली सीटों की संख्या तथा कटऑफ के आधार पर तय करें कि किस जिले में काउंसिलिंग में भाग लेना है। सवाल- अभ्यर्थी ने जिस जिले में आवेदन किया है, उसकी मेरिट के बारे में जानकारी कैसे होगी। जवाब- बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से आवेदक का पूरा ब्योरा सम्बन्धित जिले में तीन से चार दिन के अंदर भेज दिया जाएगा। जिले के बेसिक शिक्षा अधिकारी की ओर से रैंक के आधार पर जिलेवार कटऑफ जारी किया जाएगा। इसी के आधार पर काउंसिलिंग होगी। सवाल- यदि किसी अभ्यर्थी को लगता है कि उसके अंकों के अनुसार उसको रैंक नहीं मिली है तो वह क्या करे। जवाब- किसी अभ्यर्थी को लगता है कि उसके साथ न्याय नहीं हुआ है तो वह अपनी समस्या को लेकर काउंसिलिंग से पहले बीएसए की ओर से गठित काउंसिलिंग कमेटी के सामने अपनी बात रख सकता है। सवाल- अभ्यर्थी के अपने जिले में रैंक अच्छी नहीं है जबकि दूसरे जिले में अच्छी रैंक मिली है, वह कहां काउंसिलिंग कराएं। जवाब- जिले में खाली सीट, जिलेवार जारी कटऑफ एवं अपनी रैंक के आधार पर अभ्यर्थी जिले का चुनाव करें। एक बार काउंसिलिंग में भाग लेने के बाद दूसरे जिले में मौका नहीं मिलेगा। सवाल- पहले दौर की काउंसिलिंग में रैंक आने के बाद भी उसमें शामिल नहीं होने पर क्या, दूसरे चरण में अवसर मिलेगा। जवाब- यदि अभ्यर्थी का नाम काउंसिलिंग की श्रेणी में आता है और वह उसमें शामिल नहीं होता तो उस जिले में उसे दोबारा मौका नहीं मिलेगा। ऊंची रैंकिंग न हो तो ज्यादा अच्छे के इंतजार में हो सकती है परेशान
मेरिट और पद देख जिले का चयन करें अभ्यर्थी :
मेरिट और पद देख जिले का चयन करें अभ्यर्थी :
अभ्यर्थी पहले जिलों में रिक्त पदों की संख्या देखें, फिर जिलों की मेरिट सूची में अपना स्थान। जिस जिले में चयन की सर्वाधिक संभावना नजर आ रही हो, उसी जिले की चयन समिति के समक्ष अपनी दावेदारी पेश करें। यह सलाह बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव संजय सिन्हा की है। उन्होंने चयन को पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त रखने के लिए हर स्तर पर व्यापक प्रबंध करने का दावा किया। उनकी मानें तो बेसिक शिक्षा विभाग में प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती फिलहाल कानूनी दांव-पेंच से निकलकर अब अंतिम पड़ाव की ओर अग्रसर है। कहा कि जिलों में चयनित प्रशिक्षु शिक्षकों की पहली सूची 12 से 14 फरवरी के बीच जारी हो जाएगी। बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा आयोजित प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती पिछले दो माह में तमाम उतार चढ़ाव से गुजरी है। यह आशंका बनी रही कि प्रक्रिया एक या दूसरे कारण से स्थगित हो जाएगी। कई वर्ष बाद नए नियम और नई प्रक्रिया के तहत आयोजित हुई इस भर्ती में 72 जिलों में 69 लाख आवेदन आए हैं। उच्च न्यायालय व सर्वोच्च न्यायालय में चल रहे दर्जनों मुकदमों के बीच बेसिक शिक्षा परिषद ने मंगलवार को मेरिट सूची जारी कर दी। इसमें प्रत्येक आवेदनकर्ता का पूरा विवरण परिषद की वेबसाइट पर उपलब्ध करा दिया गया है। परिषद के सचिव संजय सिन्हा ने बताया कि अभ्यर्थी अपना टीईटी का अनुक्रमांक व जन्म तिथि फीड कर मेरिट देख सकते हैं। संबंधित जानकारी फीड करते ही वेबसाइट पर अभ्यर्थी ने जितने जिलों में आवेदन किया होगा, उनमें से हर जिले की मेरिट सूची में वह किस क्रम पर है, यह जानकारी एक साथ उपलब्ध हो जाएगी। इसमें सामान्य मेरिट सूची में अभ्यर्थी का स्थान, वर्गवार आरक्षण के आधार पर बनी मेरिट सूची में स्थान, महिला व अन्य क्षैतिज आरक्षण के आधार पर बनी मेरिट सूची में स्थान आदि का पूरा विवरण दिया गया है। श्री सिन्हा के अनुसार इस सूची के साथ ही संबंधित जिले में रिक्त पदों की संख्या को ध्यान में रखते हुए अभ्यर्थी यह तय कर सकते हैं कि किस जिले में उनका चयन संभव हो सकता है। जिलों में बनी चयन समिति को अगले तीन से चार दिनों में उनके जिले से संबंधित मेरिट सूची उपलब्ध करा दी जाएगी। इस मेरिट सूची के आधार पर संबंधित बीएसए अपने रिक्त पदों के सापेक्ष साक्षात्कार व प्रमाणपत्रों के सत्यापन के लिए कटऑफ घोषित करेंग
अभ्यर्थी पहले जिलों में रिक्त पदों की संख्या देखें, फिर जिलों की मेरिट सूची में अपना स्थान। जिस जिले में चयन की सर्वाधिक संभावना नजर आ रही हो, उसी जिले की चयन समिति के समक्ष अपनी दावेदारी पेश करें। यह सलाह बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव संजय सिन्हा की है। उन्होंने चयन को पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त रखने के लिए हर स्तर पर व्यापक प्रबंध करने का दावा किया। उनकी मानें तो बेसिक शिक्षा विभाग में प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती फिलहाल कानूनी दांव-पेंच से निकलकर अब अंतिम पड़ाव की ओर अग्रसर है। कहा कि जिलों में चयनित प्रशिक्षु शिक्षकों की पहली सूची 12 से 14 फरवरी के बीच जारी हो जाएगी। बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा आयोजित प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती पिछले दो माह में तमाम उतार चढ़ाव से गुजरी है। यह आशंका बनी रही कि प्रक्रिया एक या दूसरे कारण से स्थगित हो जाएगी। कई वर्ष बाद नए नियम और नई प्रक्रिया के तहत आयोजित हुई इस भर्ती में 72 जिलों में 69 लाख आवेदन आए हैं। उच्च न्यायालय व सर्वोच्च न्यायालय में चल रहे दर्जनों मुकदमों के बीच बेसिक शिक्षा परिषद ने मंगलवार को मेरिट सूची जारी कर दी। इसमें प्रत्येक आवेदनकर्ता का पूरा विवरण परिषद की वेबसाइट पर उपलब्ध करा दिया गया है। परिषद के सचिव संजय सिन्हा ने बताया कि अभ्यर्थी अपना टीईटी का अनुक्रमांक व जन्म तिथि फीड कर मेरिट देख सकते हैं। संबंधित जानकारी फीड करते ही वेबसाइट पर अभ्यर्थी ने जितने जिलों में आवेदन किया होगा, उनमें से हर जिले की मेरिट सूची में वह किस क्रम पर है, यह जानकारी एक साथ उपलब्ध हो जाएगी। इसमें सामान्य मेरिट सूची में अभ्यर्थी का स्थान, वर्गवार आरक्षण के आधार पर बनी मेरिट सूची में स्थान, महिला व अन्य क्षैतिज आरक्षण के आधार पर बनी मेरिट सूची में स्थान आदि का पूरा विवरण दिया गया है। श्री सिन्हा के अनुसार इस सूची के साथ ही संबंधित जिले में रिक्त पदों की संख्या को ध्यान में रखते हुए अभ्यर्थी यह तय कर सकते हैं कि किस जिले में उनका चयन संभव हो सकता है। जिलों में बनी चयन समिति को अगले तीन से चार दिनों में उनके जिले से संबंधित मेरिट सूची उपलब्ध करा दी जाएगी। इस मेरिट सूची के आधार पर संबंधित बीएसए अपने रिक्त पदों के सापेक्ष साक्षात्कार व प्रमाणपत्रों के सत्यापन के लिए कटऑफ घोषित करेंग
भरा गलत विवरण, अब मुसीबत
भरा गलत विवरण, अब मुसीबत
इलाहाबाद : प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती में तमाम अभ्यर्थियों को अपने अंक,जन्म तिथि, गुणांक आदि विवरण भी ठीक से भरना नहीं आया। मेरिट सूची जारी होने के बाद अभ्यर्थी अपने फार्म में सुधार के लिए मौका मांग रहे हैं। एक ही टीईटी रोल नंबर पर दो अभ्यर्थियों व कम गुणांक वालों की मेरिट ऊपर और ज्यादा गुणांक वालों की मेरिट नीचे होने जैसी शिकायतें भी सामने आ रही हैं। सचिव का कहना था कि मेरिट कम्प्यूटर द्वारा गुणांक के आधार पर तैयार की गई है। अभ्यर्थी द्वारा सही सूचना न देने से ऐसा हुआ है। सचिव ने साफ किया है कि जिन अभ्यर्थियों ने आवेदन करने के समय में गलत सूचना भर दी है उन्हें अब सुधार का मौका देना संभव नहीं है।
इलाहाबाद : प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती में तमाम अभ्यर्थियों को अपने अंक,जन्म तिथि, गुणांक आदि विवरण भी ठीक से भरना नहीं आया। मेरिट सूची जारी होने के बाद अभ्यर्थी अपने फार्म में सुधार के लिए मौका मांग रहे हैं। एक ही टीईटी रोल नंबर पर दो अभ्यर्थियों व कम गुणांक वालों की मेरिट ऊपर और ज्यादा गुणांक वालों की मेरिट नीचे होने जैसी शिकायतें भी सामने आ रही हैं। सचिव का कहना था कि मेरिट कम्प्यूटर द्वारा गुणांक के आधार पर तैयार की गई है। अभ्यर्थी द्वारा सही सूचना न देने से ऐसा हुआ है। सचिव ने साफ किया है कि जिन अभ्यर्थियों ने आवेदन करने के समय में गलत सूचना भर दी है उन्हें अब सुधार का मौका देना संभव नहीं है।
शिक्षक भर्ती में गड़बड़ी मिली तो होगी कठोर कार्यवाही
शिक्षक भर्ती में गड़बड़ी मिली तो होगी कठोर कार्यवाही -बेसिक शिक्षा मंत्री ने अफसरों को चेताया जागरण ब्यूरो, लखनऊ : बेसिक शिक्षा मंत्री राम गोविंद चौधरी ने विभागीय अफसरों को चेताया है कि शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में किसी भी तरह की अनियमितता पाये जाने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि ऐसे अभ्यर्थी, जिनके आवेदन पत्र कुछ त्रुटियों के कारण निरस्त कर दिये गए हैं, की सहायता के लिए जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान स्तर पर शिकायत निवारण प्रकोष्ठ का गठन कर दिया गया है। ऐसे अभ्यर्थी काउंसिलिंग के दौरान अभिलेखों के साथ अपना प्रत्यावेदन प्रकोष्ठ में प्रस्तुत करेंगे। प्रकोष्ठ अभिलेखों का भली भांति परीक्षण करने पर अभ्यर्थी के दावे को सही पाये जाने की स्थिति में उसके चयन पर विचार करेगा। मंत्री ने अभ्यर्थियों से अपेक्षा की है कि वे अपने गुणांक की सही तरह से गणना करें। यदि उनका गुणांक उनकी श्रेणी में दर्शाये गए कटऑफ अंक से अधिक है तो वे संबंधित जिले के शिकायत निवारण प्रकोष्ठ में अपना प्रत्यावेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। यदि किसी अभ्यर्थी का फर्जी या कूटरचित अभिलेख के माध्यम से चयन कराने का प्रकरण मालूम होगा तो उसके खिलाफ एफआइआर दर्ज कराकर कठोर कार्यवाही की जाएगी।
आवेदन स्वीकार न करने पर हाईकोर्ट नाराज
प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती मामला ः पूछा, आदेश के बावजूद क्यों बंद रही बेसिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट
इलाहाबाद। प्रदेश में 72825 प्रशिक्षु अध्यापकों की भर्ती के मामले में इस बार आयु सीमा से बाहर हो चुके अभ्यर्थियोें का आवेदन स्वीकार नहीं करने पर हाईकोर्ट ने गहरी नाराजगी जताई है। प्रदेश सरकार से पूछा है कि कोर्ट के आदेश के बावजूद बेसिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट क्यों बंद कर दी गई। कोर्ट ने 30 नवंबर-11 के विज्ञापन में आवेदन करने वाले ऐसे सभी लोगों को शामिल करने का निर्देश दिया था जो इस बार आयु अधिक या कम हो जाने के कारण आवेदन करने की अर्हता से बाहर हो गए थे। गुरुवार को इस मामले में सुनवाई होगी।
नौ जनवरी को दिए आदेश में न्यायालय ने ऐसे सभी लोगों का आवेदन 24 जनवरी तक स्वीकार करने का निर्देश दिया था। मगर बेसिक शिक्षा परिषद की आधिकारिक वेबसाइट बंद होने के कारण लोग आवेदन नहीं कर सके। न्यायालय ने पांच सौ रुपये प्रति जिले के हिसाब से शुल्क जमा करके आवेदन करने की छूट प्रदान की थी। आदित्य त्यागी और अन्य की ओर से इस मामले में संशोधन प्रार्थनापत्र देकर कहा कि कोर्ट के आदेश के बावजूद बेसिक शिक्षा परिषद् ने अभ्यर्थी का आवेदन आयु सीमा अधिक होने के आधार पर निरस्त कर दिया। याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति अरुण टंडन ने प्रदेश सरकार से जवाब तलब करते हुए सुनवाई बृहस्पतिवार को नियत की है।
दोहरे आरक्षण के विरोध
में याचिका खारिज
प्रशिक्षु अध्यापकों की भर्ती में आरक्षित श्रेणी को दोहरा आरक्षण देने के विरोध में दाखिल याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। संजय कुमार आदि की याचिका में कहा गया था कि आरक्षित श्रेणी को टीईटी में पांच प्रतिशत की छूट गई है। अब नियुक्ति के समय भी उनको आरक्षण का लाभ दिया जाएगा इस प्रकार से उनको दोहरे आरक्षण का लाभ मिल रहा है। ऐसा करना नियमानुसार गलत होगा। याचिका खारिज करते हुए कोर्ट ने कहा कि टीईटी में पांच प्रतिशत की छूट देने को आरक्षण नहीं माना जा सकता है। इसी याचिका पर कोर्ट ने एक बार फिर कहा कि जिन आवेदकों को आयु सीमा के मामले में पुन: आवेदन करने की छूट दी गई है वह 24 जनवरी तक आवेदन कर सकते हैं
शिक्षक भर्ती : निरस्त फार्म वाले दे सकेंगे प्रत्यावेदन
लखनऊ (ब्यूरो)। बेसिक शिक्षा मंत्री रामगोविंद चौधरी ने शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में मामूली गलती पर आवेदन निरस्त होने वालों को राहत दी है। प्रदेश के सभी डायट पर शिकायत निस्तारण प्रकोष्ठ का गठन कर दिया गया है। इस प्रकोष्ठ के माध्यम से अभ्यर्थियों की कठिनाइयों का निस्तारण किया जाएगा और दावा सही होने पर उनके चयन पर विचार किया जाएगा।
बेसिक शिक्षा मंत्री ने कहा है कि मामूली गलती के चलते आवेदन निरस्त होने वाले अभ्यर्थी समस्त अभिलेखों के साथ अपना प्रत्यावेदन डायट पर बनाए गए शिकायत निस्तारण प्रकोष्ठ में दे सकते हैं। परीक्षण के बाद यदि दावा सही पाया जाता है तो उनके चयन पर विचार किया जाएगा। अभ्यर्थियों से कहा गया है कि अपने गुणांक को सही प्रकार से आंकने के बाद कटऑफ से ऊपर होने पर ही संबंधित जिले में अपना प्रत्यावेदन प्रस्तुत करें। फर्जी चयन कराने की जानकारी मिलने पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
उन्होंने कहा है कि शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में किसी प्रकार की गड़बड़ी नहीं होने दी जाएगी। पात्रों को शिक्षक बनने का पूरा मौका दिया जाएगा। इस संबंध में विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दे दिए गए हैं। चयन प्रक्रिया में गड़बड़ी या फिर किसी प्रकार की अनियमितता पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
•गड़बड़ी पर दंडित होंगे अफसर : रामगोविंद
प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती मामला ः पूछा, आदेश के बावजूद क्यों बंद रही बेसिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट
इलाहाबाद। प्रदेश में 72825 प्रशिक्षु अध्यापकों की भर्ती के मामले में इस बार आयु सीमा से बाहर हो चुके अभ्यर्थियोें का आवेदन स्वीकार नहीं करने पर हाईकोर्ट ने गहरी नाराजगी जताई है। प्रदेश सरकार से पूछा है कि कोर्ट के आदेश के बावजूद बेसिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट क्यों बंद कर दी गई। कोर्ट ने 30 नवंबर-11 के विज्ञापन में आवेदन करने वाले ऐसे सभी लोगों को शामिल करने का निर्देश दिया था जो इस बार आयु अधिक या कम हो जाने के कारण आवेदन करने की अर्हता से बाहर हो गए थे। गुरुवार को इस मामले में सुनवाई होगी।
नौ जनवरी को दिए आदेश में न्यायालय ने ऐसे सभी लोगों का आवेदन 24 जनवरी तक स्वीकार करने का निर्देश दिया था। मगर बेसिक शिक्षा परिषद की आधिकारिक वेबसाइट बंद होने के कारण लोग आवेदन नहीं कर सके। न्यायालय ने पांच सौ रुपये प्रति जिले के हिसाब से शुल्क जमा करके आवेदन करने की छूट प्रदान की थी। आदित्य त्यागी और अन्य की ओर से इस मामले में संशोधन प्रार्थनापत्र देकर कहा कि कोर्ट के आदेश के बावजूद बेसिक शिक्षा परिषद् ने अभ्यर्थी का आवेदन आयु सीमा अधिक होने के आधार पर निरस्त कर दिया। याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति अरुण टंडन ने प्रदेश सरकार से जवाब तलब करते हुए सुनवाई बृहस्पतिवार को नियत की है।
दोहरे आरक्षण के विरोध
में याचिका खारिज
प्रशिक्षु अध्यापकों की भर्ती में आरक्षित श्रेणी को दोहरा आरक्षण देने के विरोध में दाखिल याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। संजय कुमार आदि की याचिका में कहा गया था कि आरक्षित श्रेणी को टीईटी में पांच प्रतिशत की छूट गई है। अब नियुक्ति के समय भी उनको आरक्षण का लाभ दिया जाएगा इस प्रकार से उनको दोहरे आरक्षण का लाभ मिल रहा है। ऐसा करना नियमानुसार गलत होगा। याचिका खारिज करते हुए कोर्ट ने कहा कि टीईटी में पांच प्रतिशत की छूट देने को आरक्षण नहीं माना जा सकता है। इसी याचिका पर कोर्ट ने एक बार फिर कहा कि जिन आवेदकों को आयु सीमा के मामले में पुन: आवेदन करने की छूट दी गई है वह 24 जनवरी तक आवेदन कर सकते हैं
शिक्षक भर्ती : निरस्त फार्म वाले दे सकेंगे प्रत्यावेदन
लखनऊ (ब्यूरो)। बेसिक शिक्षा मंत्री रामगोविंद चौधरी ने शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में मामूली गलती पर आवेदन निरस्त होने वालों को राहत दी है। प्रदेश के सभी डायट पर शिकायत निस्तारण प्रकोष्ठ का गठन कर दिया गया है। इस प्रकोष्ठ के माध्यम से अभ्यर्थियों की कठिनाइयों का निस्तारण किया जाएगा और दावा सही होने पर उनके चयन पर विचार किया जाएगा।
बेसिक शिक्षा मंत्री ने कहा है कि मामूली गलती के चलते आवेदन निरस्त होने वाले अभ्यर्थी समस्त अभिलेखों के साथ अपना प्रत्यावेदन डायट पर बनाए गए शिकायत निस्तारण प्रकोष्ठ में दे सकते हैं। परीक्षण के बाद यदि दावा सही पाया जाता है तो उनके चयन पर विचार किया जाएगा। अभ्यर्थियों से कहा गया है कि अपने गुणांक को सही प्रकार से आंकने के बाद कटऑफ से ऊपर होने पर ही संबंधित जिले में अपना प्रत्यावेदन प्रस्तुत करें। फर्जी चयन कराने की जानकारी मिलने पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
उन्होंने कहा है कि शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में किसी प्रकार की गड़बड़ी नहीं होने दी जाएगी। पात्रों को शिक्षक बनने का पूरा मौका दिया जाएगा। इस संबंध में विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दे दिए गए हैं। चयन प्रक्रिया में गड़बड़ी या फिर किसी प्रकार की अनियमितता पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
•गड़बड़ी पर दंडित होंगे अफसर : रामगोविंद
Monday, January 21, 2013
दोस्तों , अभी जानकारी मिली है की हाई कोर्ट की डबल बेंच ने अपना निर्णय वापस ले लिया है , कल मेरिट जारी हो सकती है।
दोस्तों ,
अभी जानकारी मिली है की हाई कोर्ट की डबल बेंच ने अपना निर्णय वापस ले लिया है ,
कल मेरिट जारी हो सकती है।
MERIT KAL AA RAHI HAI,, TILL NOW ITS CONFIRM,,,
MERIT KAL AA RAHI HAI,, TILL NOW ITS CONFIRM,,,
काफी दिनों से सब लोग परेसान है कि अब पता नही क्या होगा, और सही बात ये है कि इस भर्ती पता भी नही कब क्या हो जाये,, लेकिन फिर भी दोस्तों आज अभी तक ऐसा कुछ नहीं है कि भर्ती प्रकिया में कोई रुकावट है,, तो बात स्पष्ट है कि, कल मेरिट जरी हो जायेगी,, विश्वशनीय सूत्रों के अनुसार मेरिट जरी करने कि सभी तैयारी पूरी कर ली गयी हैं . तो आप सब कल के दुआ कीजिये और ईश्वर का धन्यवाद व्यक्त कीजिये, कि अब इस भर्ती में और कुछ बाधा न आये,, और सभी काबिल लोगो कि भर्ती हो जाये, बस अब एक दिन का इंतज़ार और सही,, जैसे ही और कोई सुचना प्राप्त होती में आपके संपर्क में रहूँगा,, बाकि आप लोग भी सुचना के संपर्क में जैसे ही कुछ नया मिलता तुरंत बताये,, जिससे हम सब फायदा उठा सके,,
बस ये कभी मत भूलना कि,, ईश्वर हमेशा हमारे साथ है,,, सो दोस्तों,,,
girijesh vikram singh
काफी दिनों से सब लोग परेसान है कि अब पता नही क्या होगा, और सही बात ये है कि इस भर्ती पता भी नही कब क्या हो जाये,, लेकिन फिर भी दोस्तों आज अभी तक ऐसा कुछ नहीं है कि भर्ती प्रकिया में कोई रुकावट है,, तो बात स्पष्ट है कि, कल मेरिट जरी हो जायेगी,, विश्वशनीय सूत्रों के अनुसार मेरिट जरी करने कि सभी तैयारी पूरी कर ली गयी हैं . तो आप सब कल के दुआ कीजिये और ईश्वर का धन्यवाद व्यक्त कीजिये, कि अब इस भर्ती में और कुछ बाधा न आये,, और सभी काबिल लोगो कि भर्ती हो जाये, बस अब एक दिन का इंतज़ार और सही,, जैसे ही और कोई सुचना प्राप्त होती में आपके संपर्क में रहूँगा,, बाकि आप लोग भी सुचना के संपर्क में जैसे ही कुछ नया मिलता तुरंत बताये,, जिससे हम सब फायदा उठा सके,,
बस ये कभी मत भूलना कि,, ईश्वर हमेशा हमारे साथ है,,, सो दोस्तों,,,
girijesh vikram singh
Wednesday, January 16, 2013
प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती के अभ्यर्थी दो हिस्सों में
जागरण संवाददाता, इलाहाबाद : प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती के अभ्यर्थी दो हिस्सों मेंबंट गए हैं। एक गुट भर्ती में 2012 में पास हुए बीएड अभ्यर्थियों के शामिल होने के समर्थन मेंहैं तो दूसरे इसके विरोध में हैं। वहीं सुगबुगाहट है कि बेसिक शिक्षा परिषद इस मामले में सभी अभ्यर्थियों के हितों का ख्याल रखने जा रहा है। इन सबके बीच अभ्यर्थियों का अदालत जाना भी जारी है। वहीं सात अभ्यर्थियों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की है। याचिका में प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती के लिए तैयार की जाने वाली मेरिट में आरक्षण के नियमों को राजस्थान हाईकोर्ट द्वारा दिए गए एकनिर्णय पर लागू कराने की मांग की गई है। याचियों ने कहा है कि आरक्षित वर्ग के जिन अभ्यर्थियों ने टीईटी में साठ फीसदी से कम अंक प्राप्त किए हैं उन्हें भर्ती की सूची में सामान्य वर्ग में न शामिल किया जाए। आजाद पार्क पर जुटेंगे अभ्यर्थी गुरुवार को सुबह दसबजे और शाम चार बजे आजाद पार्क पर बैठकें आयोजित हैं। इस बैठक में बीएड 2012 पास अभ्यर्थी शिरकत करेंगे। बैठक में मांगों को लेकर विभाग और अदालत में किए जाने वाले संघर्ष की रूपरेखा बनाई जाएगी। वेतन विसंगति दूर करनेको ज्ञापन : उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने बेसिक शिक्षा परिषद सचिव को एक ज्ञापन देकर वेतन विसंगति दूर किए जाने को लेकर ज्ञापन दिया। लल्लन मिश्रा, राम विशाल मिश्रा, देवेंद्र श्रीवास्तव, शिव बहादुर, मसूद आदि मौजूद रहे।
स्कूलों में नियुक्ति को टीईटी जरूरी
स्कूलों में नियुक्ति को टीईटी जरूरी • अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद। हाईकोर्ट ने एकल जज के निर्णय को चुनौती देने वाली विशेष अपील को खारिज करते हुए कहा है कि सहायक अध्यापक पद पर नियुक्ति हेतु टीईटी अनिवार्य है। पूर्व में हाईकोर्ट की एकल न्यायपीठ ने भी यही आदेश देते हुए अभ्यर्थियों की याचिकाएं खारिज कर दी थी। प्रभाकर सिंह और कई अन्य की ओर से दाखिल विशेष अपील पर न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति अभिनव उपाध्याय की खंडपीठ ने सुनवाई की। याचिका में एकल न्यायपीठ के एक नवंबर 2011 के आदेश को चुनौती दी गई थी। कोर्ट ने कहा कि एनसीटीई द्वारा 23 अगस्त 2010 का अधिसूचना जारी की गई है कि प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक पद पर नियुक्ति के लिए टीईटी पास करना अनिवार्य कर दिया है। इसलिए इसकी अर्हता के बिना अब कोई सहायक अध्यापक नहीं बन सकेगा। याचियों का कहना था कि सहायक अध्यापक पद पर नियुक्ति के लिए टीईटी सभी के लिए अनिवार्य नहीं है। स्पेशल बीटीसी 2004 के अभ्यर्थियों का कहना है कि उनके बैच की चयन प्रक्रिया टीईटी की अधिसूचना जारी होने से पूर्व प्रारंभ हो चुकी है इसलिए उनके लिए इसे अनिवार्य न किया जाए। इसी प्रकार से अन्य अभ्यर्थियों की अपनी दलीलें थी। कोर्ट ने इसे खारिज करते हुए एकल न्यायपीठ के आदेश को बहाल रखा है। एकल जज के आदेश के खिलाफ स्पेशल अपील खारिज
UPTET : टीईटी मेरिट के आधार पर चयन की मांग खारिज
टीईटी मेरिट के आधार पर चयन की मांग खारिज इलाहाबाद (ब्यूरो)। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने सहायक अध्यापकों की भर्ती के मामले में सुनवाई करते हुए स्पष्ट किया कि सहायक अध्यापक नियमावली 1981 के नियम छह में सरकार को न्यूनतम आयु सीमा निर्धारित करने का अधिकार नहीं है। वह सिर्फ अधिकतम आयु सीमा का निर्धारण कर सकती है। राज्य सरकार ने सेवा नियमावली में 16 वां संशोधन करते हुए चार दिसंबर 2012 को न्यूनतम आयुसीमा 18 से बढ़ाकर 21 वर्ष कर दी थी। इससे तमाम अभ्यर्थी अंडरएज हो गए। कोर्ट ने नियमावली का हवाला देते हुए कहा कि आयु सीमा की गणना विज्ञापन जारी करने की तिथि के बाद आने वाले साल में की जाएगी। ऐसे में अभ्यर्थियों की आयु की गणना एक जुलाई 2012 के स्थान पर एक जुलाई 2013 को की जानी चाहिए। कुछ याचियों ने टीईटी मेरिट को ही चयन का आधार मानने की मांग की थी। उनका कहना था कि यह निर्णय पूर्व की सरकार द्वारा लिया गया था। इसे बहाल रखा जाना चाहिए। कोर्ट ने इसे अस्वीकार करते हुए याचिकाएं खारिज कर दी। शिक्षा मित्रोें द्वारा मौजूद विज्ञापित पदों में आरक्षण देने की मांग को लेकर दाखिल याचिका भी कोर्ट ने खारिज कर दी। चार वर्षीय बीएलएड कोर्स को अर्हता में शामिल न किए जाने के खिलाफ दाखिल याचिकाओं पर कोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है। इस मुद्दे पर 29 जनवरी को सुनवाई होगी। कई याचियों के अधिवक्ताओं ने मौखिक तौर पर आवेदन शुल्क कम करने की मांग की थी। कोर्ट ने कहा कि चूंकि किसी भी याचिका में फीस कम करने की मांग नहीं की गई है इसलिए इस पर कोई आदेश नहीं दिया जा सकता है। एक याचिका में आरक्षित वर्ग (एससी- एसटी) को दोहरा लाभ दिए जाने की शिकायत की गई है। कोर्ट ने इस पर सुनवाई केलिए 17 जनवरी की तिथि नियत की है। बीटीसी अभ्यर्थियों द्वारा घोषित पदों पर नियुक्ति देने की मांग भी खारिज कर दी गई है। याचिकाओं पर एनसीटीई के वकील रिजवाल अली अख्तर ने कोर्ट को नियमावली की जानकारी दी।
UPTET : सहायक अध्यापकों के लिए टीईटी अनिवार्य: हाईकोर्ट
UPTET : सहायक अध्यापकों के लिए टीईटी अनिवार्य: हाईकोर्ट
News About Today's (16 Jan 2013) Hearing in Allahabad Highcourt -
- हाईकोर्ट ने की कई स्पेशल अपील निस्तारित
यह आदेश न्यायमूर्ति अशोक भूषण व न्यायमूर्ति अभिनव उपाध्याय की खण्डपीठ ने प्रभाकर सिंह व कई अन्य की स्पेशल अपील को निस्तारित करते हुए दिया है स्पेशल अपील पर वरिष्ठ अधिवक्ता शशि नंदन राज्य सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता सीबी यादव व एनसीटीई की ओर से रिजवान अख्तर ने तर्क रखा। सरकार की ओर से कहा गया कि नि:शुल्क अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 के तहत केन्द्रीय एक्ट ने टीईटी की अनिवार्यता की अधिसूचना जारी की थी स्पेशल अपील में एकल न्यायाधीश के 11 नवम्बर 2010 के आदेश को चुनौती दी गयी थी जिस पर कोर्ट ने हस्तक्षेप करने से इन्कार कर दिया।
वहीं दूसरी तरफ टीईटी को लेकर एकल न्यायाधीश अरुण टण्डन की अदालत में चल रही सुनवाई में प्रदेश में 72825 सहायक अध्यापकों की भर्ती में ऐसे सभी अभ्यर्थी जिन्होंने 30 नवम्बर 2011 को प्रकाशित विज्ञापन के आधार पर आवेदन किया था उन्हें 21 जनवरी 2013 तक प्रार्थना पत्र शासन को भेजने का निर्देश दिया है न्यायालय ने स्पष्ट किया कि नये विज्ञापन में आयु सीमा अधिक व कम हो जाने के आधार अनर्ह हुये अभ्यर्थियों को अर्ह माना जाये। न्यायालय ने यह भी कहा राज्य सरकार को न्यूनतम आयु सीमा निर्धारित करने का अधिकार नही है वह अधिकतम आयु सीमा निर्धारित कर सकती है। न्यायालय ने टीईटी को मेरिट का आधार बनाने के सरकार के पहले के निर्णय को बहाल रखने सम्बन्धी याचिकाओं को खारिज कर दिया
न्यायालय ने शिक्षा मित्रों को सहायक अध्यापकों के लिये आरक्षण दिये जाने की मांग वाली याचिकाओं में हस्तक्षेप करने से इन्कार करते हुए खारिज कर दिया। न्यायालय ने शुल्क कम करने के मामले में स्पष्ट किया कि शुल्क कम करने के लिये किसी याचिकाओं में मांग नही की गयी है इसलिए इस संदर्भ में कोई आदेश पारित नहीं किया जा सकता है। न्यायालय ने बीएलएड डिग्री के मामले में राज्य सरकार से जवाब मांगते हुये 29 जनवरी 2013 की तिथि नियत की है।
Tuesday, January 15, 2013
ye ek anumaan hai
lucknow-72%
sitapur-63%
lakhimpur-62%
bahraich-64%
gonda-65%
kusinagar-63.55%
hardoi-64.2%
allhabad-69.89%
varansi-69.99%
noida-76.89%
sahjahnpur-64.32%
pilibhit-61.99%
sonbhadra-59'22%
gajipur-60.79%
lalitpur-58%
chitrakut-57%
banda-64%
raibareli-65%
bareli-64%
badaun-65%
barabanki-68.53%
kausambi-68%
unnav-67.21%
kanpur dehat-71%
kanpur s-75%
ambedkar nagar-61%
amathi-67%
ravidashnagar-61%
this is first cutoff genral
Monday, January 14, 2013
UPTET 72825 : Number of Applications for Teachers Against Number of Posts
UPTET 72825 : Number of Applications for Teachers Against Number of Posts
As per info shared on Facebook (might be taken from news paper cutting) -
To Join My Group on Facebook, Click Here ->>>>
http://www.facebook.com/groups/uptetallinone/
List for Number of Candidates applied against teacher recruitment district-wise is -
First Cut-off merit list expected to be very high as same candidate may applied in many districts.
Sunday, January 13, 2013
Saturday, January 12, 2013
शिक्षक भर्ती में 60 फीसदी से ऊपर को मिलेगा मौका
शिक्षक भर्ती में 60 फीसदी से ऊपर को मिलेगा मौका
लखनऊ/ब्यूरो | Last updated on: January 13, 2013 11:17 AM IST

शिक्षक भर्ती में इस बार आए आवेदन ने शिक्षा विभाग को परेशानी में डाल दिया है। एक-एक अभ्यर्थी ने 20 से 25 स्थानों पर आवेदन कर रखा है। जिलेवार आए आवेदनों के मिलान की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। फार्म मिलान के बाद सही भरे गए आवेदनों के आधार पर मेरिट बनाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
विभागीय जानकारों की मानें तो शिक्षक भर्ती में इस बार मेरिट काफी अधिक जाएगी। पहली मेरिट में 60 फीसदी से अधिक अंक पाने वालों को ही मौका मिलेगा। इस बार काउंसलिंग के दौरान ही अभ्यर्थियों के मूल अभिलेखों को जमा करा लिया जाएगा।
बेसिक शिक्षा परिषद ने शिक्षकों के 72 हजार 825 पदों के लिए आवेदन मांगा था। इस बार शिक्षकों की भर्ती के लिए रिकार्ड आवेदन 70 लाख के करीब आए हैं। यह बात अलग है कि टीईटी और सीटीईटी पास करीब ढाई ही बीएड डिग्रीधारक हैं, लेकिन एक-एक छात्र ने 20 से 25 जिलों में आवेदन किया है। इसके चलते इस बार पहली मेरिट में 60 फीसदी से अधिक अंक वाले ही मौका पाएंगे।
मेरिट का निर्धारण गुणांक के आधार पर किया जाएगा। हाईस्कूल 10 प्रतिशत, इंटरमीडिएट 20, स्नातक 40 और बीएड के अंकों को 30 प्रतिशत गुणांक मानते हुए मेरिट बनाई जाएगी। शिक्षक भर्ती के लिए जिलेवार मेरिट 22 जनवरी तक जारी करने और काउंसलिंग 29 जनवरी से कराने की तैयारी है।
काउंसलिंग के साथ ही 30 दिनों तक चयनितों का मेडिकल परीक्षण कराया जाएगा और इसके दो दिन बाद से शिक्षकों की तैनाती प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इस बार खास बात यह होगी कि काउंसलिंग के समय ही चयनितों के मूल प्रमाण पत्रों को जमा करा लिया जाएगा। ऐसा इसलिए किया जाएगा कि सीटें भरने के बाद उस पर तैनाती प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
विभागीय जानकारों की मानें तो शिक्षक भर्ती में इस बार मेरिट काफी अधिक जाएगी। पहली मेरिट में 60 फीसदी से अधिक अंक पाने वालों को ही मौका मिलेगा। इस बार काउंसलिंग के दौरान ही अभ्यर्थियों के मूल अभिलेखों को जमा करा लिया जाएगा।
बेसिक शिक्षा परिषद ने शिक्षकों के 72 हजार 825 पदों के लिए आवेदन मांगा था। इस बार शिक्षकों की भर्ती के लिए रिकार्ड आवेदन 70 लाख के करीब आए हैं। यह बात अलग है कि टीईटी और सीटीईटी पास करीब ढाई ही बीएड डिग्रीधारक हैं, लेकिन एक-एक छात्र ने 20 से 25 जिलों में आवेदन किया है। इसके चलते इस बार पहली मेरिट में 60 फीसदी से अधिक अंक वाले ही मौका पाएंगे।
मेरिट का निर्धारण गुणांक के आधार पर किया जाएगा। हाईस्कूल 10 प्रतिशत, इंटरमीडिएट 20, स्नातक 40 और बीएड के अंकों को 30 प्रतिशत गुणांक मानते हुए मेरिट बनाई जाएगी। शिक्षक भर्ती के लिए जिलेवार मेरिट 22 जनवरी तक जारी करने और काउंसलिंग 29 जनवरी से कराने की तैयारी है।
काउंसलिंग के साथ ही 30 दिनों तक चयनितों का मेडिकल परीक्षण कराया जाएगा और इसके दो दिन बाद से शिक्षकों की तैनाती प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इस बार खास बात यह होगी कि काउंसलिंग के समय ही चयनितों के मूल प्रमाण पत्रों को जमा करा लिया जाएगा। ऐसा इसलिए किया जाएगा कि सीटें भरने के बाद उस पर तैनाती प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
Friday, January 11, 2013
UPTET : बेसिक शिक्षा सेवा नियमावली में संशोधन सही
UPTET : बेसिक शिक्षा सेवा नियमावली में संशोधन सही
UPTET : बेसिक शिक्षा सेवा नियमावली में संशोधन सही
दिसंबर-11 का विज्ञापन रद्द करने के निर्णय पर हाईकोर्ट की मुहर
अखिलेश त्रिपाठी और सैकड़ों अन्य अभ्यर्थियों की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति अरुण टंडन ने कहा, यह स्थापित विधि है कि राज्य सरकार चयन प्रक्रिया को किसी भी समय संशोधित या रद्द कर सकती है। बशर्ते कि वह नियमों के विपरीत या मनमाने तरीके से न किया गया हो। कोर्ट ने कहा कि यह स्वीकार करने में कोई हिचक नहीं है कि सरकार द्वारा 30 दिसंबर 2011 के विज्ञापन को रद करने का फैसला मनमाना और अवैध नहीं है।
याचीगण का पक्ष रखते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक खरे और अन्य वकीलों ने कहा कि सरकार द्वारा अपनाई गई नई प्रक्रिया एनसीटीई रेग्युलेशन के विपरीत है। क्योंकि एनसीटीई ने टीईटी को महत्व देने की बात कही है। जबकि राज्य सरकार ने अपने नए भर्ती नियम में टीईटी को मात्र अर्हता माना है। अपर महाधिवक्ता सीबी यादव ने कहा कि पूर्व में जारी शासनादेश एवं विज्ञाप्ति एनसीटीई के प्रावधानों के विपरीत थी क्योंकि उसमें प्रशिक्षु अध्यापकों की भर्ती का कोई प्रावधान नहीं था। इसे अब संशोधित कर लिया गया है। मौजूदा विज्ञापन विपरीत नहीं है। एनसीटीई के वकील रिजवान अली अख्तर ने कहा कि एनसीटीई ने शिक्षा के निशुल्क एवं अनिवार्य अधिकार अधिनियम की धारा 23(1) में विहित अधिकारों का प्रयोग करते हुए परिषदीय विद्यालयों में अध्यापकों के लिए न्यूनतम शैक्षिक योग्यता निर्धारित की। इसके बाद एनसीटीई ने टीईटी के लिए दिशा-निर्देश भी जारी किए।
Thursday, January 10, 2013
टीईटी मामले की सुनवाई शुक्रवार को
UPTET / Allahabad Highcourt : टीईटी मामले की सुनवाई शुक्रवार को
UPTET / Allahabad Highcourt : टीईटी मामले की सुनवाई शुक्रवार को
जाब्यू, इलाहाबाद : सहायक अध्यापक भर्ती में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) में अंक को आधार बनाने, उम्र संबंधी मामले को लेकर चल रही याचिकाओं पर हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख शुक्रवार नियत की है। यह आदेश न्यायमूर्ति अरुण टंडन ने यादव कपिल देव व अन्य की याचिकाओं की सुनवाई एक साथ करते हुए दिया है। प्रश्नगत प्रकरण में नियमावली में संशोधन को लेकर भी बहस चल रही है
UPTET : बेरोजगारी भत्ता तो यहीं से निकल आया
UPTET : बेरोजगारी भत्ता तो यहीं से निकल आया
न्यूज़ साभार - जागरण
ALLAHABAD : बेरोजगारों के लिए भत्ता बांट कर गवर्नमेंट वाहवाही लूटने में जुटी है. लेकिन उससे कहीं ज्यादा गवर्नमेंट ने इन्हीं बेरोजगारों से लूट लिया. जी हां. ये सच है. स्टेट में प्रशिक्षु शिक्षक के लिए 72 हजार से अधिक पदों पर भर्ती में कुछ ऐसा ही देखने को मिल रहा है. मास्टर बनने की इस दौड़ में कौन बाजी मारेगा और कौन हारेगा, यह तो मेरिट जारी होने के बाद पता चलेगा, लेकिन सरकार की इस मास्टरी से ही उसके खजाने में करीब 500 करोड़ से ज्यादा रुपए आ जाएंगे, जबकि सरकार का बेरोजगारी भत्ते का बजट 114 करोड़ है. अब जरा आंकड़ों पर गौर फरमाइए.
मजबूरी को कैश करा रहे गवर्नमेंट ने 75 जिलों से कुल 72,825 वैकेंसीज आउट की हैं. इनमें सीतापुर, लखीमपुर जैसे जिलों में 6000 से अधिक पोस्ट हैं जबकि कानपुर नगर, मेरठ, लखनऊ जैसे जनपदों में सिर्फ 12 पोस्ट हैं. सभी जिलों की अलग-अलग मेरिट तैयार की जा रही है. ऐसे में जाहिर है कि कानपुर नगर में 85 फीसदी माक्र्स वाले का सेलेक्शन न हो और लखीमपुर में 65 फीसदी वाले को नौकरी मिल जाए. आवेदकों की इसी दुविधा का गवर्नमेंट कैश से कैश करा रही है.
सरकारी नौकरी है risk कौन लेआवेदकों के सामने सबसे बड़ी समस्या है कि सरकारी नौकरी की चाहत में वो कोई रिस्क नहीं लेना चाहते. इसलिए वो ज्यादा से ज्यादा जिलों से आवेदन कर रहे हैं. कई स्टूडेंट्स तो ऐसे हैं जो 50-60 जिलों से आवेदन कर रहे हैं, जिससे किसी न किसी जिले से उनका नाम मेरिट में आ जाए. औसतन हर आवेदक 35 जिलों से अप्लाई कर रहा है. हर आवेदन के साथ 500 रुपए का बैंक चालान लगाना है. स्टेट लेवल के बजाए डिस्ट्रिक्ट लेवल पर प्राइमरी टीचर्स की वैकेंसीज जारी की गई थी.
इसमें भी रहे profit में इतने सारे जिलों से आवेदन करना ही स्टूडेंट्स के लिए माउंट एवरेस्ट फतह करने जैसा है. क्योंकि हर फॉर्म के साथ 500 रुपए का बैंक चालान सबमिट करना है. इसके अलावा डोमिसाइल बनवाने का खर्च. यूनीवर्सिटी से डिग्री या प्रोविजनल सर्टिफिकेट लेने के लिए मारामारी. डोमिसाइल बनवाने का सरकारी खर्च ही करीब 150 रुपए है. जबकि तहसीलों में सक्रिय दलाल मौके की नजाकत का फायदा उठाकर डोमिसाइल के लिए 500 से 2000 रुपए तक वसूल रहे हैं.
कब से था इंतजार
भारत सरकार नए दिशा-निर्देशों के मुताबिक, प्राइमरी और जूनियर स्कूल्स में टीचर की पोस्ट के अप्लाई करने वाले को टीईटी या सीटीईटी (टीचर इलिजबिलिटी टेस्ट) पास होना मस्ट है. यूपी में अब तक 2011 में सिर्फ एक बार ही टीईटी एग्जाम कंडक्ट कराया गया था. इसके अलावा दो बार सीटीईटी एग्जाम हो चुका है. प्रदेश में करीब साढ़े तीन लाख कैंडीडेट्स टीईटी होल्डर और करीब 50 हजार कैंडीडेट्स सीटीईटी सर्टिफिकेट होल्डर्स हैं. ये सभी बड़ी बेसब्री से प्राइमरी टीचर्स की वैकेंसीज का इंतजार कर रहे थे.
सरकार का गणित
कुल आवेदन-69 लाख
डिस्ट्रिक्ट-75
प्रत्येक जनपद के लिए चालान-500 रुपए
विकलांग वर्ग-चार लाख
कुल राशि-345 करोड़ रुपए
यहां भी हुआ खर्च
एक डोमिसाइल का खर्च-150(फॉर्म, एफिडेविट, नोटरी फीस आदि)10.35 करोड़ रुपए
ये तो सरासर लूट है भाई !
लोग सरकार के इस रवैए से बेहद खफा हैं. ट्रेनी टीचर्स के लिए अप्लाई करने वाले कैंडिडेट अमित प्रजापति का कहना है कि सरकार रोजगार देने के नाम पर बेरोजगारों को लूट रही है. आखिर सरकार सभी वैकेंसीज के लिए प्रदेश स्तर पर भी आवेदन ले सकती थी. जिलेवार आवेदन लेने के पीछे सरकार की सिर्फ एक ही मंशा, अपने खजाने को भरने की है. एक तरफ सरकार बेरोजगारी भत्ता, लैपटॉप व टेबलेट वितरण और कन्या विद्या धन के नाम पर पैसे बांट रही है और दूसरी तरफ आवेदन के नाम पर बेरोजगारों को ही लूट रही है
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ऐसा कहीं होता है..एडवोकेट संजीव द्विवेदी सरकार के इस प्रॉसेस को ठीक नहीं मानते हैं. उनका कहना है कि बैंक, रेलवे, एसएससी या कोई भी दूसरा विभाग एक कंबाइंड एंट्रेंस ऑर्गनाइज करता है. बीएड एंट्रेस एग्जाम भी हर साल स्टेट की कोई एक यूनीवर्सिटी कंडक्ट कराती है. इसके बाद काउंसिलिंग में स्टूडेंट अपनी च्वॉइस के अकॉर्डिंग कॉलेज में एडमिशन लेता है. फिर जिलेवार आवेदन कराने का मतलब क्या है?
और वो करोड़ों रुपए... 2011 में भी टीईटी एग्जाम कराने के बाद टीचर्स की वैकेंसीज निकाली गई थी. जिलेवार मेरिट के तहत लाखों स्टूडेंट्स ने आवेदन भी किया था, लेकिन मेरिट जारी होने से पहले ही मामला खटाई में पड़ गया. टीईटी माक्र्स के आधार पर मेरिट बनाए जाने के खिलाफ बहुत सारे अप्लीकेंट्स कोर्ट की शरण में चले गए. तभी आचार संहिता भी लागू हो गई और पूरी भर्ती प्रक्रिय को कैंसिल कर दिया गया, लेकिन किसी आवेदक के पैसे वापस नहीं किए गए. सरकार के पास करोड़ों रुपए आज भी जमा हैं.
हाईकोर्ट ने इन आवेदकों को इस बार आवेदन में फीस न लेने के आदेश दिए हैं. मगर, कोई अप्लीकेंट रिस्क नहीं लेना चाहता. सभी कैंडीडेट फ्रेश अप्लीकेशन डाल रहे हैं. सचिव की मानें तो करीब 11 हजार इस तरह के आवेदन प्राप्त हुए हैं.
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