Thursday, January 24, 2013
जहां पहले नंबर आए, वहीं काउंसिलिंग बेहतर प्राथमिक शिक्षक भर्ती के आवेदक कटऑफ, रैंक एवं जिले में खाली सीटों की संख्या से मिलान के बाद करें काउंसिलिंग का फैसला इलाहाबाद (ब्यूरो)। प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की भर्ती के लिए रैंक जारी होने के बाद अभ्यर्थियों का भ्रम कम होने के बजाय और बढ़ गया है। अभ्यर्थियों ने कई जिलों से आवेदन किया है। रैंक जारी होने के बाद अब तय नहीं कर पा रहे हैं कि कहां काउंसिलिंग में शामिल हों। दूरदराज के कई जिलों में उनकी रैंक कम है लेकिन वहां जाना नहीं चाहते। अभ्यर्थियों की परेशानी है कि अगर दूसरे जिले में काउंसिलिंग में शामिल होकर मार्कशीट जमा कर दी तो अपने जिले में नंबर आने पर भी मौका नहीं मिलेगा और यदि अपने जिले के लोभ में दूसरे जिले की काउंसिलिंग में शामिल न हुए, फिर बाद में अपने जिले में भी नंबर न आया तो क्या होगा। इसके अलावा यह भी कि मेरिट में आने पर भी काउंसिलिंग में शामिल न हो सके तो क्या होगा। ऐसे और भी सवाल हैं अभ्यर्थियों के मन में। आशंका को दूर करने के लिए सचिव बेसिक शिक्षा परिषद संजय सिन्हा से बात करके उसे दूर करने की कोशिश की गई। सवाल- अभ्यर्थी को काउंसिलिंग में अपनी स्थिति स्पष्ट करने के लिए क्या करना चाहिए। जवाब-सबसे पहले अभ्यर्थी बेसिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट पर अपना टीईटी रोलनंबर और जन्मतिथि डालकर अपनी रैंक प्राप्त कर लें। इससे यह साफ हो जाएगा कि जिन जिन जिलों में उसने आवेदन किया है, वहां कुल आवेदनों के मुकाबले उसकी रैंक क्या है। इसके बाद जिले में खाली सीटों की संख्या के सापेक्ष अपनी रैंक के आधार पर अपनी पोजीशन चेक करें। सवाल- क्या अभ्यर्थी एक से अधिक जिले में काउंसिलिंग में हिस्सा ले सकता है। जवाब- नहीं, एक जिले में काउंसिलिंग में भाग लेने के बाद अभ्यर्थी को बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से जारी रैंक से बाहर कर दिया जाएगा। इसलिए अभ्यर्थी अपनी रैंक और जिले में खाली सीटों की संख्या तथा कटऑफ के आधार पर तय करें कि किस जिले में काउंसिलिंग में भाग लेना है। सवाल- अभ्यर्थी ने जिस जिले में आवेदन किया है, उसकी मेरिट के बारे में जानकारी कैसे होगी। जवाब- बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से आवेदक का पूरा ब्योरा सम्बन्धित जिले में तीन से चार दिन के अंदर भेज दिया जाएगा। जिले के बेसिक शिक्षा अधिकारी की ओर से रैंक के आधार पर जिलेवार कटऑफ जारी किया जाएगा। इसी के आधार पर काउंसिलिंग होगी। सवाल- यदि किसी अभ्यर्थी को लगता है कि उसके अंकों के अनुसार उसको रैंक नहीं मिली है तो वह क्या करे। जवाब- किसी अभ्यर्थी को लगता है कि उसके साथ न्याय नहीं हुआ है तो वह अपनी समस्या को लेकर काउंसिलिंग से पहले बीएसए की ओर से गठित काउंसिलिंग कमेटी के सामने अपनी बात रख सकता है। सवाल- अभ्यर्थी के अपने जिले में रैंक अच्छी नहीं है जबकि दूसरे जिले में अच्छी रैंक मिली है, वह कहां काउंसिलिंग कराएं। जवाब- जिले में खाली सीट, जिलेवार जारी कटऑफ एवं अपनी रैंक के आधार पर अभ्यर्थी जिले का चुनाव करें। एक बार काउंसिलिंग में भाग लेने के बाद दूसरे जिले में मौका नहीं मिलेगा। सवाल- पहले दौर की काउंसिलिंग में रैंक आने के बाद भी उसमें शामिल नहीं होने पर क्या, दूसरे चरण में अवसर मिलेगा। जवाब- यदि अभ्यर्थी का नाम काउंसिलिंग की श्रेणी में आता है और वह उसमें शामिल नहीं होता तो उस जिले में उसे दोबारा मौका नहीं मिलेगा। ऊंची रैंकिंग न हो तो ज्यादा अच्छे के इंतजार में हो सकती है परेशान
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment