Friday, November 23, 2012


टीईटी मामले में सभी आरोपी पेश
जागरण संवाददाता, कानपुर : टीईटी पात्रता परीक्षा रिश्वत मामले में शुक्रवार को आरोप पत्र पर बहस के दौरान अधिवक्ताओं ने विवेचक पर सवाल उठा दिए। अब मामले की अगली सुनवाई 29 नवंबर को होगी। टीईटी मामले में माध्यमिक शिक्षा परिषद के पूर्व संयुक्त निदेशक संजय मोहन समेत सभी 12 आरोपियों को जिला जज कानपुर देहात धर्मवीर सिंह की अदालत में पेश किया गया। आरोप पत्र पर बहस हुई। अधिवक्ता सुरेंद्र प्रताप सिंह के मुताबिक उनके मुवक्किल नरेंद्र प्रताप सिंह (पूर्व एडीसी, साक्षरता मिशन लिटरेसी हाउस मानस नगर) के खिलाफ आरोप नहीं बनता। उन्होंने कहा कि मामले में पहली गिरफ्तारी अकबरपुर पुलिस ने की लेकिन उसके बाद की गिरफ्तारियां और बरामदगी उन्हीं के द्वारा की गई जबकि भ्रष्टाचार मामले पर सीओ स्तर के अधिकारी ही जांच और बरामदगी कर सकते हैं।

Wednesday, November 21, 2012

ab tet bhi agle saal hogi


Saturday, November 17, 2012


SSA / RTE UP : एसएसए के तहत होने वाली सवा लाख भर्तियां स्थगित

लखनऊ। सर्व शिक्षा अभियान (एसएसए) के तहत चालू वित्तीय वर्ष में सूबे में होने वाली 1,25, 000 से ज्यादा कर्मियों की भर्ती प्रक्रिया तत्काल स्थगित कर दी गई है।
भर्ती प्रक्रिया स्थगित किए जाने का निर्देश एसएसए के राज्य परियोजना निदेशक अतुल कुमार ने जारी कर दिया है। परियोजना निदेशक ने सूबे के सभी बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) लिखे पत्र में कहा है कि तत्काल प्रभाव से एसएसए के तहत शिक्षक, अनुदेशक, शारीरिक शिक्षक, कस्तूरबा गांधी विद्यालयों में की जाने वाली भर्तियों के अलावा ब्लॉक रिसोर्स सेंटर के संचालन के लिए कम्प्यूटर सहायक और सहायक लेखाकार की भर्ती प्रक्रिया स्थगित की जाती है
गौरतलब है कि सूबे में 41 हजार डिप्लोमा इन फिजिकल एजुकेशन (डीपीएड), बैचलर ऑफ फिजिकल एजुकेशन (बीपीएड) व सर्टिफिकेट ऑफ फिजिकल एजुकेशन (सीपीएड) डिग्री धाकर संविदा शिक्षक, 27 हजार जूनियर हाई स्कूलों में कराते शिक्षक (शारीरिक शिक्षक), कस्तूरबा गांधी विद्यालयों में 28 हजार से अधिक स्टाफ, सभी 821 ब्लॉक में ब्लॉक रिसोर्स सेंटर के संचालन के लिए कम्प्यूटर सहायक और सहायक लेखाकार इसके अलावा नि:शक्त बच्चों को पढ़ाने के लिए विशेष शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया प्रस्तावित है


News Source : Amar Ujala / 17.11.12 ( http://epaper.amarujala.com/svww_zoomart.php?Artname=20121117a_010122007&ileft=129&itop=357&zoomRatio=130&AN=20121117a_010122007)
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News Analysis : Recruitment through UPTET 2011 matter is running in court and may not be affected with above.

Monday, November 12, 2012

http://epaper.amarujala.com/svww_index.php

41 हजार संविदा शिक्षकों की भर्ती अब अगले माह
अमर उजाला ब्यूरो
लखनऊ। बेसिक शिक्षा परिषद के उच्च प्राथमिक स्कूलों के बच्चों को विशेष शिक्षा देने के लिए 41 हजार संविदा शिक्षकों की भर्ती अब दिसंबर में करने की तैयारी है। इसके लिए इसी माह जिलेवार डिप्लोमा इन फिजिकल एजुकेशन (डीपीएड), बैचलर ऑफ फिजिकल एजुकेशन (बीपीएड) व सर्टिफिकेट ऑफ फिजिकल एजुकेशन (सीपीएड) करने वालों से आवेदन लिए जाने की योजना है। बेसिक शिक्षा निदेशालय ने इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसके लिए एनआईसी से सॉफ्टवेयर बनवाया जा रहा है। संविदा शिक्षकों को प्रतिमाह 7000 रुपये निर्धारित मानदेय दिया जाएगा।
शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने के बाद 6 से 14 वर्ष तक के बच्चों की शिक्षा अनिवार्य की गई है। इस अधिनियम के तहत उच्च प्राथमिक स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को विशेष शिक्षा देने की व्यवस्था की गई है। इसमें कला, शारीरिक शिक्षा व स्वास्थ्य और कार्य अनुभव की शिक्षा देना अनिवार्य होगा। सर्व शिक्षा अभियान के तहत पिछले साल ही इसके लिए संविदा शिक्षकों की भर्ती की जानी थी, लेकिन नहीं की गई। सर्व शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशालय ने इस साल भर्ती के लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय प्रस्ताव भेजा था, जहां से इसके लिए मंजूरी मिल चुकी है।
इसके आधार पर ही भर्तियां करने के लिए प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा सुनील कुमार की ओर से शासनादेश जारी किया गया था, लेकिन आवेदन लिए जाने के दौरान ही गड़बड़ियों की शिकायत पर चयन प्रक्रिया रोक दी गई है। यह तय किया गय है कि इसके लिए बीटीसी की तर्ज पर ऑनलाइन आवेदन लिए जाएंगे। कला की शिक्षा देने के लिए 13 हजार 769, शारीरिक व स्वास्थ्य शिक्षा के लिए 13 हजार 769 और कार्य अनुभव की शिक्षा के लिए 13 हजार 769 संविदा शिक्षक रखे जाएंगे। इसके लिए जिला स्तर पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कमेटियां बनाई जाएंगी। इसमें सदस्य सचिव जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) प्राचार्य होंगे। मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने एक माह का मानदेय देने के लिए 28.91 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं।
जिलेवार ऑनलाइन लिए जाएंगे आवेदन
डीपीएड, बीपीएड व सीपीएड वाले होंगे पात्र


Friday, November 9, 2012

we want job


UP Govt. Going To Recruit 90000 Primary Teachers

UP Govt. Going To Recruit 90000 Primary Teachers









However authenticity/structure / selection process will be clear in coming days


life is hopefull

Thursday, November 8, 2012



UPTET - यूपी: टीईटी पास बीएड डिग्री धारक सीधे बनेंगे शिक्षक


सूबे में 72825 शिक्षकों की भर्ती का प्रस्ताव बेसिक शिक्षा निदेशालय ने शासन को भेज दिया है। इसके लिए उत्तर प्रदेश अध्यापक सेवा नियमावली के नियम 14 में शिक्षकों की सीधी भर्ती का प्रावधान किया गया है। 

अब इसे कैबिनेट से मंजूरी के लिए भेजने की तैयारी है। राज्य सरकार चाहती है कि नियमावली को यथा शीघ्र संशोधित कर दिसंबर अंत तक प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती शुरू कर दी जाए

शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने के बाद राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद ने सभी राज्यों को टीईटी पास बीएड डिग्री धारकों को प्राइमरी स्कूलों में सीधे सहायक अध्यापक पद पर रखने की अनुमति दी थी। यूपी में 31 मार्च 2014 तक टीईटी पास डिग्री धारकों को प्राइमरी स्कूलों में सीधे सहायक अध्यापक के पद पर रखने जाने की योजना है।

गौरतलब है कि राज्य सरकार ने पूर्व में तय किया था कि टीईटी पास बीएड डिग्री धारकों छह माह का विशिष्ट बीटीसी की ट्रेनिंग देकर सहायक अध्यापक नियुक्ति किया जाएगा लेकिन एक नवंबर को बेसिक शिक्षा मंत्री रामगोबिंद चौधरी ने शिक्षा अधिकारियों की बैठक में यह तय किया था कि बीएड पास अभ्यर्थियों को विशिष्ट बीटीसी की ट्रेनिंग न देकर सीधे टीईटी पास बीएड डिग्री धारकों प्राइमरी स्कूलों में प्रशिक्षु शिक्षक के पद नियुक्ति दी जाएगी।

इसके आधार पर बेसिक शिक्षा निदेशालय से प्रस्ताव मांगा गया था। इसमें शिक्षकों का चयन जिलेवार मेरिट के आधार पर किया जाएगा। मेरिट हाई स्कूल, इंटर, स्नातक और बीएड के आधार पर बनाई जाएगी। आवेदन जिलेवार ऑनलाइन लिए जाएंगे।

आवेदन के लिए अभ्यर्थियों को ऐच्छिक छूट होगी। प्रशिक्षु शिक्षकों को सेवाकाल के दौरान छह महीने की ट्रेनिंग प्राप्त करनी होगी। इस अवधि में उन्हें 7300 रुपये निर्धारित मानदेय दिया जाएगा और ट्रेनिंग पूरी करने के बाद सहायक अध्यापक वेतनमान दिया जाएगा


News Source : Amar Ujala (8.11.12)

Wednesday, November 7, 2012

http://in.jagran.yahoo.com/epaper/index.php?location=15&edition=2012-11-07&pageno=1

wait and watch

जागरण ब्यूरो, इलाहाबाद प्रदेश के प्राइमरी स्कूलों में 72 हजार से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति किए जाने के मामले में हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने इसके लिए सात दिसंबर तक का अंतिम अवसर देते हुए सरकार से कहा है कि इस अवधि तक हर हाल में कार्यवाही पूरी की जाए। भले ही इसके लिए नियमों में परिवर्तन किया जाए या फिर सरकार नियुक्ति विज्ञापन जारी करे। यह आदेश न्यायमूर्ति अरुण टंडन ने अखिलेश त्रिपाठी व अन्य की याचिका पर दिया है। अदालत में मंगलवार को अपर महाधिवक्ता सीबी यादव ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्ति से पहले सरकार अध्यापक सेवा नियमावली के कुछ नियमों में परिवर्तन करना चाहती है। इसके लिए कार्यवाही जारी है। इस पर अदालत ने कहा कि जो कुछ करना है, इसे सात दिसंबर के पहले ही किया जाए। अध्यापकों को नियुक्ति को और नहीं टाला जा सकता। उल्लेखनीय है कि बसपा सरकार ने प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू करते हुए टीईटी परीक्षा ली, जिसका चयन परिणाम घोषित हुआ, किंतु बीएसए के बजाय नियुक्ति विज्ञापन बेसिक शिक्षा परिषद की तरफ से जारी किए गए, जिसे चुनौती दी गई। सपा सरकार ने सत्ता में आने के बाद टीईटी को पात्रता परीक्षा घोषित कर दिया और नियम परिवर्तित किए। प्रश्न उठा कि चयनित को सीधे नियुक्त करे या प्रशिक्षण देकर नियुक्त करे, सरकार को इसी पर निर्णय लेना है। वैसे सरकार नियमों में संशोधन कर प्रशिक्षण का प्रावधान करने की बात तय कर चुकी है। इसके लिए जरूरी कार्यवाही होना शेष है।

7 दिसंबर तक जारी करें सहायक शिक्षकों की भर्ती का विज्ञापन ः हाईकोर्ट

UPTET - 7 दिसंबर तक जारी करें सहायक शिक्षकों की भर्ती का विज्ञापन ः हाईकोर्ट

इलाहाबाद (ब्यूरो)। प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में टीईटी उत्तीर्ण 72,825 सहायक अध्यापकों की भर्ती का विज्ञापन जारी करने की हाईकोर्ट ने सात दिसंबर की समय सीमा तय कर दी है। न्यायालय ने प्रदेश सरकार को छूट दी है कि इस दौरान यदि वह बेसिक शिक्षा सेवा नियमावली मेें संशोधन करना चाहते हैं तो कर सकते हैं।
न्यायालय ने प्रदेश सरकार द्वारा नित नए बहाने बनाकर विज्ञापन जारी करने में विलंब करने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि शिक्षा के मौलिक अधिकार कानून का पालन करने के लिए आवश्यक है कि विद्यालयों में योग्य शिक्षकों की नियुक्ति बिना देरी किए की जाए। यह आदेश न्यायमूर्ति अरुण टंडन ने टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थी अखिलेश त्रिपाठी और दर्जनों अन्य याचिकाओं पर मंगलवार को सुनवाई करते हुए दिया। प्रदेश सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता सीबी यादव ने कोर्ट को अवगत कराया कि केंद्र सरकार ने सहायक अध्यापकों के चयन व नियुक्ति के लिए तय समय सीमा 2014 तक बढ़ा दी है। अब सरकार बेसिक शिक्षा सेवा नियमावली 1981 में और संशोधन करना चाहती है ताकि छह माह का प्रशिक्षण देने के बजाए सीधे नियुक्ति की जा सके। न्यायालय ने कहा कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत बच्चों को निशुल्क और अनिवार्य शिक्षा देने के लिए आवश्यक है कि योग्य शिक्षकों की भर्ती की जाए। न्यायालय ने बेसिक शिक्षा सचिव को निर्देश दिया है कि वह यदि कोई संशोधन करना चाहते हैं तो उसे करके सात दिसंबर तक विज्ञापन जारी कर दें। उल्लेखनीय है कि सहायक अध्यापकों की भर्ती के लिए मायावती सरकार ने दिसंबर 2011 को विज्ञापन जारी किया था, जिसे इस आधार पर चुनौती दी गई कि विज्ञापन बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा जारी किया जबकि इसे बेसिक शिक्षा अधिकारियों द्वारा जारी किया जाना चाहिए था। न्यायालय ने इस पर नियुक्ति पर रोक लगा दी थी। बाद में सपा सरकार ने पूर्व का विज्ञापन रद करते हुए शीघ्र नया विज्ञापन जारी करने की घोषणा की है। 

Tuesday, November 6, 2012

ab kya samjhe dosto

न्यायालय की आज की कार्यवाही के बाद आज इन्टरनेट के माध्यम से सूचनाये प्रदान करने वाले, संघर्ष में सत्य पर विश्वास रखकर संघर्ष को सार्थक योगदान करने वाले, अपने साथियों का मार्गदर्शन कर उनका मनोबल बनाये रखने का प्रयास करने वाले, इलाहबाद और लखनऊ तक सरकार को चुनौती देने वाले सभी साथियों को बधाई!चूंकि अभी न्यायालय का आदेश अपलोड नहीं हुआ है, अतः इस समय तो मैं बस आपसे वही बता सकता हूँ जो मुझे  ज्ञात हुआ है, 

1. सी.बी. यादव को विज्ञापन या विज्ञापन का ड्राफ्ट न लाने पर जमकर लताड़ लगाई गई.
.2. अगली तारीख 7 दिसंबर 2012 औरउसके पूर्व सरकार को आवश्यक संशोधनकरके विज्ञापन जारी करने का आदेश दिया गया.
3. नियमावली में संशोधन और नया विज्ञापन केवल केंद्र-राज्य नियमों के विरोधाभास और तकनीकी कमियों को दूर करने के लिए है, न कि नियम बदलने के लिए.
4. न्यायालय ने पुराने विज्ञापन की अनियमितता दूर करते हुए उसके सभी नियमों-आधारों को नए विज्ञापन में समाहित करने के आदेश दिया.
5. विज्ञापन जारी होने के बाद हुए चयन-आधार सम्बन्धी संशोधन प्रभावी नहीं होंगे.
6. न्यायालय ने सरकार से एक ऐसा विज्ञापन लाने की अपेक्षा की है जिस से पुरानी भर्ती प्रक्रिया में आवेदन करने वालोंके हित प्रभावित न हों.
7. समय-सीमा के अन्दर विज्ञापन न लाने पर प्रमुख सचिव को कोर्ट में खडा कर देने की चेतावनी दी.
8. शिक्षामित्रों के प्रति सरकार के झुकाव पर न्यायालय ने सरकारी वकील से कहा, (हिंदी में), "वेल-क्वालिफाइड टेट-पास लड़कों का सिलेक्शन करने में आपको प्रॉब्लम है, और आप नौकरी देना चाहते हैं उन को जो केवल सायकिल लेकर प्रधान के पीछे-पीछे घूम सकें.
9. सरकारी वकील द्वारा नियमावली में संशोधन की बात उठाने पर टंडन जी ने स्पष्ट कहा, "आपके लिए सबसे जरूरी हैकि शिक्षा का अधिकार अधिनयम, 2009 के अनुसार जल्द से जल्द अर्ह और योग्य अध्यापकों की भर्ती की जाय
This is the summary of our case-Karib 1:30p.m. Ho chuke the aur aur revised case number 10 chal raha tha aur apna case number 35 tha.Achanak tondan ji ne kaha ki ye sab chhodiye aur TET wala case laiye bt us waqt court me na to c.b. Yadav the aur na hi khare to apna case karib 1:45 pe start hua aur tondan ne apna pahla sawal c.b. yadav ke uper daga ki vigyapan sath laye ho.Then yadav ne kaha ki nahi sir hum add nahi laye hai to tandan ne kaha ki court ka mazak bna rakha hai kya Abi tumhare princ. sec. Ko court me bulwakar khada kar dunga to samajh me ayega.Ye teesri br maine add lane ko kaha tha bt ap log ne court ka mazak bna rakha hai, aj ko apko add jari me kya technical khami hai batana hi padega.Tb c.b.yadav ne kaha ki sir govab pahle 72825 ki niyukti karna chahti hai aur bad me training karna chahti hai islye sir hume thoda aur waqt chahiye to tandan ji ne khud NCTE KE rule maang kar padhe aur khud kaha ki ncte ke para me ye bat likhi hai ki gov pahle niyukti ya pahle training kara sakti hai to ab gov ko sansodhan karne ki kya jarurat kyu up prt ki bharti b isi act ke tahat aa jati hai.Bt phir bhi agar gov sansodhan karna chahti hai to 15 din ka time de raha hu.15 din me sansodhan karke 15 din me add jari karke 4 dec ko hc. Me hazir karna padega.Agar gov aisa na hu hua to p.s ko khud court me hazir hokar jawab dena padega.Jb c.b.yadav ne ne itni jaldi add jari karne me asamrthta jahir ki to tandan ji ne kaha ki ap ne to ke kewal 9000 ka ad jari karke socha kam khtm ho gaya bt jo 72825 qualified sadko pe ghoom rahe hai unka kya.Gov sirf unki bharti karna chahti hai jo pradhan ke cycle ke piche ghoom rahe hai ya siksha mitra jaise log ke bharti bt jo wastav ne qualified hai unki koi chinta nahi.

UPTET - 7 दिसम्बर तक 72825 प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती करे यूपी सरकार: हाईकोर्ट


UPTET - 7 दिसम्बर तक 72825 प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती करे यूपी सरकार: हाईकोर्ट

इलाहाबाद. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी सरकार को प्रदेश में 72825 प्राथमिक शिक्षकों के पदों के लिए 7 दिसम्बर तक विज्ञापन जारी कर नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया है। कोर्ट में याचिकाकर्ताओं का आरोप था कि सरकार इस मामले को 2014 चुनाव तक ले जाकर इसका चुनावी लाभ लेने की फ़िराक में है।
  
गौरतलब है की इसके पहले मायावती सरकार इन पदों के लिए विज्ञापन निकाल कर भर्ती की प्रक्रिया शुरू की थी लेकिन सरकार बदलने के बाद से भर्ती की प्रक्रिया खटाई में पड़ गयी। मायावती सरकार ने विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा कराके 30 नवम्बर 2011 को 72825 प्राथमिक शिक्षकों के पदों के लिए विज्ञापन जारी किया था लेकिन मामला कोर्ट में पहुँचने के चलते भर्ती  पूरी नहीं हो पायी

List Of TET Marks Got By Students 135-140 = 34 130-134 = 168 127-130 = 342 125-127 = 1074 120-124 = 3750 115-119 = 5000 110-114 = 6240 105-109 = 7900 100-104 = 8800 95-99 = 22000 90-94 = 47500 83-89 =168850 total = 271658 This News From The Hindustan News Paper Of Meerut Edition Of March 2012


7 दिसम्बर को नयी डेट लगी है ,,हाई कोर्ट ने 4 दिसम्बर की डेट दी है ऐड निकालने के लिए ,

Saturday, November 3, 2012

lagta hai govt ka think tank bahut chalak ho gaya hai

UPTET : बीएड डिग्रीधारक बनेंगे प्रशिक्षु शिक्षक


UPTET : बीएड डिग्रीधारक बनेंगे प्रशिक्षु शिक्षक

जागरण ब्यूरो, लखनऊ : बेसिक शिक्षा परिषद के संचालित प्राथमिक स्कूलों में शिक्षकों के 72,825 रिक्त पदों पर अध्यापक पात्रता परीक्षा (टीईटी) उत्तीर्ण बीएड डिग्रीधारकों को चयन के बाद पहले प्रशिक्षु शिक्षक नियुक्त किया जाएगा। प्रशिक्षु शिक्षक के रूप में उन्हें 7300 रुपये प्रति माह मानदेय दिया जाएगा। राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) की मंशा के अनुसार प्रशिक्षु शिक्षक जैसे प्रारंभिक शिक्षा शास्त्र में छह महीने की ट्रेनिंग पूरी करते जाएंगे, वैसे-वैसे उन्हें स्थायी शिक्षक की मौलिक नियुक्ति दी जाती रहेगी। मौलिक नियुक्ति होने पर उन्हें स्थायी शिक्षक का वेतनमान मिलने लगेगा। बेसिक शिक्षा मंत्री राम गोविंद चौधरी की अध्यक्षता में गुरुवार को विभाग के आला अधिकारियों की बैठक में इस पर सहमति बनी। प्रदेश में पहली बार प्रस्तावित इस व्यवस्था को अमली जामा पहनाने के लिए उप्र बेसिक शिक्षा (अध्यापक) सेवा नियमावली, 1981 में संशोधन करके परिषदीय स्कूलों में प्रशिक्षु शिक्षक नियुक्त करने और ट्रेनिंग के बाद उन्हें मौलिक नियुक्ति देने का प्राविधान जोड़ा जाएगा। यह भी तय हुआ है कि टीईटी उत्तीर्ण बीएड डिग्रीधारकों का प्रशिक्षु शिक्षक के तौर पर चयन करने के लिए अभ्यर्थियों के हाईस्कूल के प्राप्तांक प्रतिशत के 10, इंटरमीडिएट के 20, स्नातक के 40 व बीएड के 30 प्रतिशत अंकों को जोड़कर मेरिट तैयार की जाएगी। इसके आधार पर ही चयनित अभ्यर्थियों की ट्रेनिंग का क्रम तय किया जाएगा। बेसिक शिक्षा विभाग की मंशा है कि इस व्यवस्था को लागू करने के लिए उप्र बेसिक शिक्षा (अध्यापक) सेवा नियमावली में नवंबर के अंत तक संशोधन किया जाए। फिर दिसंबर से टीईटी उत्तीर्ण बीएड डिग्रीधारक अभ्यर्थियों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किये जाएंगे। इससे पहले यह तय हुआ था कि 72,825 पदों पर भर्ती के लिए टीईटी उत्तीर्ण बीएड डिग्रीधारकों का मेरिट के आधार पर चयन कर पहले उन्हें छह महीने का विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षण दिया जाएगा। विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षण पूरा करने के बाद उन्हें नियुक्ति दी जाएगी। यह भी तय हुआ था कि चयन की जो मेरिट बनेगी उसमें अभ्यर्थियों द्वारा हाईस्कूल में प्राप्तांक प्रतिशत के 10, इंटरमीडिएट के 20 व स्नातक के 40 प्रतिशत अंकों को जोड़ा जाएगा। इसके अलावा, यदि अभ्यर्थी को बीएडके थ्योरी और प्रैक्टिकल में प्रथम श्रेणी प्राप्त हुई है तो उसे प्रत्येक के लिए 12-12, द्वितीय श्रेणी के लिए 6-6 और तृतीय श्रेणी के लिए 3-3 अंक मिलेंगे। मेरिट निर्धारण में बीएड के अंकों को लेकर सवाल उठाये जा रहे थे। कहा जा रहा था कि श्रेणियों के आधार पर मनमाने तरीके से अंक तय करना उचित नहीं है। विभाग को शिक्षकों की भर्ती में नयी व्यवस्था लागू करने के बारे में इसलिए सोचना पड़ा क्योंकि एनसीटीई ने बीएड डिग्रीधारकों को शिक्षक नियुक्त करने के लिए 31 मार्च 2014 तक का समय दिया है। यदि अभ्यर्थियों का पहले विशिष्ट बीटीसी ट्रेनिंग के लिए चयन करने के बाद उन्हें नियुक्ति दी जाती तो प्रदेश में एक बैच में अधिकतम 20,000 अभ्यर्थियों को ही ट्रेनिंग देने की क्षमता है। चार बैच को ट्रेनिंग देने में कम से कम दो वर्ष का समय लगता और तब तक स्वीकृत समयसीमा बीत जाती। समय बीतने के बाद शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हो पाती। दूसरा, जो नयी व्यवस्था सोची गई है, उसमें मेरिट निर्धारण में बीएड के अंकों को लेकर उठायी जा रही आपत्ति भी दूर हो सकेगी।n