Sunday, December 9, 2012
UPTET 2013 : टीईटी अभ्यर्थियों में जगी उम्मीद, मिली राहतटीईटी में बीपीएल वालों को फीस नहीं
शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) में नि:शक्तों की तर्ज पर गरीबी रेखा के नीचे (बीपीएल) जीवनयापन करने वाले परिवार के बच्चों को भी मुफ्त बैठने की अनुमति देने की तैयारी है।
उच्चाधिकारियों की बैठक में इस पर काफी हद तक सहमति बन गई है, लेकिन इस पर अंतिम निर्णय बेसिक शिक्षा मंत्री रामगोविंद चौधरी करेंगे। बीपीएल परिवार के बच्चों की फीस पर निर्णय होने के बाद जल्द शासनादेश जारी कर दिया जाएगा।
शिक्षा का अधिकार अधिनियम में कक्षा 8 तक के स्कूलों में ट्रेंड शिक्षकों को रखने की अनिवार्यता की गई है। इसमें यह शर्त रखी गई है कि टीईटी पास करने वाला ही शिक्षक भर्ती के लिए आवेदन करने को पात्र होगा। टीईटी में शामिल होने के लिए स्नातक में 50 फीसदी अंक होना अनिवार्य होगा।
आरक्षित वर्ग तथा विकलांग व स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रितों को 5 प्रतिशत अंक की छूट मिलेगी। सामान्य व पिछड़ा वर्ग के लिए आवेदन शुल्क 400 और एससी, एसटी के लिए 200 रुपये होगा। बेसिक शिक्षा विभाग चाहता है कि फरवरी 2013 में टीईटी आयोजित करा ली जाए, ताकि बीएड वालों के साथ बीटीसी की ट्रेनिंग प्राप्त करने वाले 15 हजार से अधिक अभ्यर्थी भी इसमें शामिल हो सकें। यूपी में पहली बार नवंबर 2011 में टीईटी आयोजित हुई थी।
नि:शक्तों के लिए आवेदन पहले की तरह मुफ्त
नि:शक्तों के लिए पूर्व की तरह आवेदन मुफ्त होगा। टीईटी के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कमेटी बनाई जाएगी। राज्य स्तर पर प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा की अध्यक्षता में कमेटी होगी।
परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले को प्रमाण पत्र दिया जाएगा, जो पांच साल के लिए मान्य होगा। परीक्षा डेढ़ घंटे की होगी। इसमें 150 बहुविकल्पीय प्रश्न होंगे। निगेटिव मार्किंग नहीं होगी। 60 फीसदी अंक पाने वाला पास होगा। अनुसूचित जाति, जनजाति व विकलांगों को 55 फीसदी अंक पाने पर उत्तीर्ण माना जाएगा।
News Source : Amar Ujala (9.12.12)
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thanks for the info
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